फास्ट ट्रैक कोर्ट सूर्यप्रकाश शर्मा ने नाबालिग
किशोरी को बहला फुसलाकर भाग ले जाने और दुराचार करने के मामले में एक युवक
को 10 वर्ष का कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई
है। जुर्माना न देने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
इसके
अलावा जुर्माने की धनराशि में से 18 हजार रुपये पीड़िता को देने पड़ेंगे।
इस बाबत शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि घटना 28 सितंबर 13 की
है। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव नगला दुर्गा निवासी अनंतराम के
खिलाफ एक 16 वर्षीय युवती को भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी दोपहर तीन बजे दवा
लेने मिघौली गई थी। लौटकर घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। तलाश करने
पर पता चला कि आरोपी युवक किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। दो महीने
बाद किशोरी को पुलिस ने बरामद कर लिया गया।
उसका मेडिकल परीक्षण कराने
के बाद डाक्टरी हुई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान किशोरी ने बयान दिया था कि
युवक उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया और फिर जबरन अपने साथ में रखा। इस दौरान
जबरन उसके साथ दुराचार किया। इस मामले की विवेचना एसआई एसके वाजपेयी ने की
और कोर्ट में चार्जशीट पेश की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने
के बाद अनंतराम को दोषी पाया। इस पर उसे 10 साल की सजा भुगतने व जुर्माना
अदा करने का आदेश दिया।