छिबरामऊ। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से धरने के दौरान भाकियू (किसान) के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला की ओर से बोले अपशब्द के बाद मामला तूल पकड़ गया। गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और भानु प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। हालांकि सीओ ने दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना खत्म करा दिया।
राष्ट्रीय महासचिव शीलेश कुमार दुबे के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पहुंचे और धरना दिया। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने कहा कि पूरे जनपद में किसानों के हक की आवाज को शासन व प्रशासन के सामने रखकर किसानों के हित के लिए लगातार कार्य करता रहा है। तीन अप्रैल को भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने भू माफिया से संपर्क कर एक गैंग का रूप बनाकर संगठित रूप से पश्चिमी बाईपास पर एक दुकान के शटर को तोड़ा और लाखों रुपए की लूट ली। लूट करने वाले सभी लोग भारतीय किसान यूनियन की टोपी और गमछे पहने थे। उन्होंने जब मामले का संज्ञान लिया तो निगम मंडी में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष नीरज भाटिया, जिलाध्यक्ष सत्यम गुप्ता व रामेंद्र शर्मा ने अपशब्द बोले और जान से मारने की धमकी दी।
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धरने की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय
तहसील में भाकियू के धरने की सूचना पाकर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। पहले निरीक्षक हरीशंकर ने भाकियू पदाधिकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। बाद में सीओ दीपक दुबे व एसडीएम अशोक कुमार ने भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता की और दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया। इस दौरान अनुरुद्ध दुबे, रजनीश दुबे, शिवाकांत दुबे, जीतू शर्मा, शांतनु यादव व गौतम कश्यप आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष संभालेंगे मोर्चा
भाकियू (किसान) के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने बताया कि यदि दो दिन के अंदर कार्रवाई न हुई तो संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन ठाकुर छिबरामऊ आकर मोर्चा संभालेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर ही पुलिस प्रशासन को दो दिन का समय दिया गया है। उधर, तहसील में भाकियू (किसान) के पदाधिकारियों की भीड़ को देखते हुए छिबरामऊ के अलावा सौरिख के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को पुलिस बल के साथ बुला लिया गया। दोनों थानों को पुलिस धरना समाप्त होने तक मुस्तैदी से डटी रही।