समाजवादी पार्टी ने कमाल फारूकी को सचिव पद से हटा दिया है। हाल ही में इंडियन मुजाहिदीन आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी के मामले में विवादित बयान देने के कारण उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है।
भटकल की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने मीडिया से पूछा था उसकी गिरफ्तारी अपराध के आधार पर है या फिर धर्म के आधार पर।
भटकल की गिरफ्तारी पर फारूकी के बिगड़ैल बोल
फारूकी ने कहा था कि अगर भटकल आतंकी है, तो उसे सजा होनी चाहिए। लेकिन उसे सिर्फ मुस्लिम होने के आधार पर गिरफ्तार किया है, तो सावधानी जरूर बरतनी चाहिए क्योंकि इससे पूरे समुदाय में यह गलत संदेश जाएगा कि हम एक समाज विशेष की छवि धूमिल कर रहे हैं।’
भाजपा और कांग्रेस ने फारूकी के बयान को हास्यास्पद और अफसोसजनक बताते हुए उनकी तीखी आलोचना की थी।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि फारूकी पाकिस्तान में रहने लायक हैं।
पाकिस्तान भेज देना चाहिए फारूकी कोः तोगड़िया
उन्होंने कहा था कि राष्ट्र विरोधी ताकतों और आतंकियों का समर्थन करने वाले को राष्ट्र विरोधी तत्वों का दर्जा दिया जाना चाहिए और उन्हें पाकिस्तान में भेज देना चाहिए।
यासीन भटकल को पिछले महीने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने बिहार के मोतिहारी जिले से गिरफ्तार किया था। भटकल को इंडियन मुजाहिदीन का सह संस्थापक माना जाता है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, वह भारत में हुए कई बम धमाकों का मास्टर माइंड है।