शुक्रवार को प्रेमनगर में अमर उजाला क ा बेटी ही बचाएगी अभियान के तहत
बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से घर-घर जाकर लोगों क ो बालिका शिक्षा के
प्रति जागरूक किया और मौके पर ही आउट ऑफ स्कूल रहे बालक-बालिकाओं का प्रवेश
कराया। इस मौके पर अभिभावकों एवं युवाओं को शिक्षा के लाभ भी बताए।
शनिवार को प्राथमिक विद्यालय हंसारी बालक, हंसारी कन्या जूनियर हाईस्कूल,
प्राथमिक विद्यालय हंसारी गिर्द में प्रात: 9 बजे से अभियान चलेगा।
प्रेमनगर
के महाराजपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुए अभियान में प्राथमिक
विद्यालय कन्या प्रेमनगर, प्राथमिक विद्यालय प्रेमनगर बालक, प्राथमिक
विद्यालय नैनागढ़ एवं कन्या जूनियर हाईस्कूल प्रेमनगर के पढ़ने वाले बच्चों
ने बैनर, स्लोगन लिखी तख्तियां हाथों में लेकर विभिन्न क्षेत्रों में
भ्रमण किया और शिक्षा से जुडे़ प्रेरक नारे लगाकर लोगों को आकर्षित किया।
नगर खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा, एबीआरसी चौधरी धर्मेंद्र,
प्रधानाध्यापक वहीद बेग, शिक्षिकाओं में शाहीन परवेज, कृष्णा श्रीवास्तव,
आगता मैरी, गीता हांडा, ताहिरा बेगम, श्वेता जैन, विद्यालय प्रबंध समितियों
के अध्यक्ष अशोक कुमार, सुरेश कुमार, शीला, सुनीता एवं सदस्यों में
सुरेंद्र नाथ, दीपक, सलमा बेगम, ममता, शबाना अंजुम, रफीकुन्निसा, रुबीना
बानो, पूर्व पार्षद श्रवण तिवारी, प्रेम कुमार गौतम आदि ने विभाग के
नामांकन पखवाड़ा व प्रवेश उत्सव के तहत बुलावा टोलियां बनाकर अमर उजाला की
टीम के साथ प्रेमनगर क्षेत्र के सुम्मेर नगर, वाल्मीकि बस्ती, स्कू ल पुरा,
बिहारीपुरा, इकबाल नगर, इस्लाम गंज, सिल्वर्ट गंज, नूर नगर, गुदरी पुरा,
ईसाई टोला में घर घर जाकर लोगों से मुलाकात की और उन्हे बालिका शिक्षा के
प्रति जागृत किया। इस दौरान अभिभावकों व बच्चों को बाल अधिकार, शिक्षा का
अधिकार की जानकारी दी, वहीं लोगों क ो संकल्प कराया कि वह अपने बच्चों को
शिक्षा जरूर दें।
13 बच्चों को दिलाया ऑन स्पॉट प्रवेश
झांसी।
अमर उजाला का बेटी ही बचाएगी अभियान एवं बेसिक शिक्षा विभाग के नामांकन
पखवाड़ा व प्रवेश उत्सव के तहत अब तक विद्यालयीय शिक्षा से वंचित एवं बीच
में ही पढ़ाई छोड़ने वाले 13 बालक-बालिकाओं का ऑन स्पॉट प्रवेश कराया गया।
बालिकाओं
में रिमी, सपना, भूमि, नीलम, अंजली, राधा, करिश्मा, अंजली हैं। बालकों में
बृजेश, लक्की, सुमित कुमार, रिंकू, विवेक हैं। इन बच्चों को प्राथमिक
विद्यालय प्र्रेमनगर बालक, प्राथमिक विद्यालय कन्या प्रेमनगर, कन्या
जूनियर हाईस्कूल प्रेमनगर में विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश कराया गया।
आर्थिक संकट बन रहा पढ़ाई छोड़ने की वजह
झांसी।
बुलावा टोलियां एवं अमर उजाला टीम के अभियान में कई ऐसे परिवारों के
बालक-बालिकाएं भी मिले, जो आर्थिक परेशानियों के चलते विद्यालयों में
प्रवेश नहीं ले सके। वहीं कई ने बीच ही पढ़ाई छोड़ दी।
मां का सहयोग
देने एवं परिवार के संचालन के लिए कक्षा पांच के पश्चात पढ़ाई छोड़ने वाली
नीलम के मुताबिक आर्थिक संकट ने इच्छा के बावजूद पढ़ाई से वंचित किया है।
लेकिन आगे भी शिक्षा लेना जरुरी है। इस मौके पर नीलम के भाई ने संकल्प लिया
कि वह अपनी बहन को आगे पढ़ाई अवश्य कराएंगे।
क्षेत्र में रहने वाले
वीरू की पत्नी रजनी के अनुसार स्कूलों में महंगी फीस के कारण उनक ी बेटियां
पढ़ाई से अब तक महरूम है, जिसकी वजह आर्थिक कमजारी है। वहीं सरकारी
स्कूलों में क्या सुविधाएं प्राप्त होती है, यह उन्हें नहीं पता। लेकिन अब
अपनी बेटियों के पढ़ाई जरूर कराएंगी। बस्ती निवासी पूरन ने बताया कि आर्थिक
संकट एवं स्कूलों की महंगी फीस ने उनके नाती-नातिन को शिक्षा से वंचित कर
रखा है। नाती का पहले विद्यालय में प्रवेश कराया था, लेकिन गरीबी के चलते
पढ़ाई से नाता टूट गया। उन्होंने संकल्प लिया कि वह अपने नाती-नातिन को
अवश्य पढ़ाएंगे। बुजुर्ग महिला भग्गो ने बताया कि उनकी नातिन ने कक्षा सात
के पश्चात पढ़ाई गरीबी के चलते छोड़ दी, पिछली कक्षाओं में वजीफा भी नहीं
मिला। ऐेसे में कोई सरकारी सुविधा नहीं मिली। लेकिन अब उसकी पढ़ाई पुन:
कराएगी।