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रंगारंग कार्यक्रम के नाम, यूथ फेस्टिवल की शाम

Fri, 20 Nov 2015 01:18 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय कैंपस में यूथ फेस्टिवल की शाम रंगारंग कार्यक्रम के नाम रही। ‘कल्चरल इवनिंग’ में बुंदेली थीम पर आधारित नृत्य के साथ-साथ वेस्टर्न और राजस्थानी डांस ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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शाम साढ़े छह बजे से शुरू हुई ‘कल्चरल इवनिंग’ में फेस्टिवल के आयोजक बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुतियां दीं। ‘चांद की चंदनिया सी...’, ‘बारह वर्ष में लड़की की शादी न करियो’ समेत कई गानों पर प्रतिभागियों ने नृत्य किया। बुंदेली संस्कृति पर भी कई नृत्य हुए। हर प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियों बजाकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

इससे पूर्व शाम साढ़े चार बजे उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मुख्य अतिथि के तौर पर कहा कि अब दुनिया में भारत ही एक मात्र देश है जिसके पास सबसे बड़ी यूथ फोर्स है। पहले शस्त्र और धनबल का जमाना था, अब ‘बुद्धि जैसी, बल वैसा’ वाला युग आ गया है। आज का समय शरीर से लड़ने का नहीं, बुद्धि से लड़ने का है। युवा बुद्धि का प्रयोग कर देश को आगे ले जाएं।
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कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कहा कि देश में मेधा की कमी नहीं है। व्यक्तित्व के विकास को पढ़ाई के साथ अन्य प्रतिभाओं के प्रदर्शन का अवसर मिले, इसके लिए ऐसे फेस्टिवल आयोजित होते हैं। एआईयू के ज्वाइंट सेकेट्री ने यूथ फेस्टिवल के इतिहास पर प्रकाश डाला।

इस दौरान कुलसचिव पीएन प्रसाद, प्रति कुलपति प्रो. पंकज अत्रि, डॉ. सरिता पांडेय, प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. ओपी कंडारी, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. अपर्णा राज, डॉ. यशोधरा शर्मा, डॉ. धीरेंद्र यादव, इं. राहुल शुक्ला, डॉ. अंकित श्रीवास्तव, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. डीके भट्ट,  डॉ. राजीव सेंगर, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. पूनम मलहोत्रा, डॉ. सूरज पाल सिंह, अनिल बोहरे, डॉ. कुमार यशवंत, डॉ. संतोष पांडेय विवेक अग्रवाल, अतुल खरे मौजूद रहे। डॉ. रेखा लगरखा ने आभार जताया।

जब बनीं यूपी की मुख्यमंत्री
उमा भारती ने बीयू से पुराना लगाव होने की बात कहते हुए बताया कि जब वह मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं, तब वहां तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम आए हुए थे। इसके बाद डॉ. कलाम को बीयू आना था लेकिन एमपी का मौसम तो ठीक रहा पर यूपी का खराब हो गया।

इस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नहीं आ पाए। मुलायम ने उन्हें फोन करके कहा कि वह नहीं आ सकेंगे, इसलिए क्या वह उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के तौर पर डा कलाम की अगुवाई कर सकती हैं। इस पर उन्होंने हामी भर दी और झांसी हवाई पट्टी पर डॉ. कलाम के स्वागत को पहुंच गईं। उमा बोलीं, किस्मत की बात है कि अब मैं झांसी से ही सांसद हूं। उन्होंने इनोवेसन सेंटर की तारीफ करते हुए भारत सरकार से विश्वविद्यालय को हर संभव मदद दिलाने की बात कही।
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