बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाईयों ने शिविर में विविध कार्यक्रम प्रस्तुत करने के साथ ही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। बीयू के पत्रकारिता संस्थान के पूर्व समन्वयक डॉ. सीपी पैन्यूली ने कहा कि यदि वे मन मेें कुछ अच्छा करने की ठान लें तो देश के गांवों की तकदीर बदल सकते हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना की द्वितीय, तृतीय और पंचम इकाई के तत्वावधान में दिगारा में आयोजित शिविर में उन्होंने कहा कि आज गांवों में रहने वाले लोगों का मन खेती के काम से उचट रहा है। युवा गांव में रहने वाले लोगों को खेती के नए तौर तरीके और प्रविधियों से अवगत कराकर उनकी आय में बढ़ोतरी की राह सुगम कर सकते हैं। पत्रकारिता संस्थान के शिक्षक उमेश शुक्ल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे समाज के विकास में रचनात्मक भूमिका का निर्वाह करें। एक-दूसरे के साथ टीम भावना से काम करते हुए समाज को समस्याओं के जाल से मुक्त बनाने में योगदान दें। डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने सभी अतिथियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया। राजकीय कॉलेज में महिला सुरक्षा और बाल विकास पर विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। छात्राओं ने दिन की शुरूआत श्रमदान से की। बस्ती में पहुंचकर छात्राओं ने महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारियां दीं। बौद्धिक सत्र में मेडिकल कॉलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विद्या चौधरी ने किशोरावस्था में होने वाली समस्याओं को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजूलता व आभार डॉ. कमलेश कुमार ने जताया।
बीबीसी में शिविरार्थियों को सर्वप्रथम लोकरुचि खेलकूद कराए गए। इसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान दहेज, अशिक्षा, भ्रूण हत्या पर नाट्य प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि अपर जिला न्यायाधीश शकील अहमद खान ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया कि आज के समाज में शिक्षा के साथ-साथ कानून की जानकारी होना आवश्यक है, जिसे शिक्षा में सम्मलित करना चाहिए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या चित्रलेखा, डॉ. आयूब, डॉ. आनंद मौजूद रहे।