झांसी। नवाबाद थाना क्षेत्र के गुमनावारा में रह रहे राठ के युवक के पैर में बीते एक साल से असहनीय दर्द था। रविवार को उसने दवा के धोखे में जहर का सेवन कर लिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। वह ऑटो से मेडिकल कॉलेज पहुंचा और वहां भर्ती हो गया। यहीं से परिजनों को कॉल कर युवक ने कहा कि उसने जहर खा लिया है, उसे बचा लें। लेकिन, जब तक परिजन झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचते उसने दम तोड़ दिया।
राठ के देवरा गांव का निवासी अतुल (28) पिछले साल झांसी आया था। वह गुमनावारा में बीते एक साल से किराये के कमरे में रहकर पास की ही एक परचून की दुकान पर काम करता था। अतुल के छोटे भाई अमन ने बताया कि दो साल पहले उसके दाहिने पैर की नस ब्लॉक हो गई थी, जिससे उसे दर्द रहने लगा था। बीमारी का वह झांसी में रहकर इलाज करा रहा था। लेकिन, दवाओं और थैरेपी से भी कोई फायदा नहीं मिला। पिछले एक साल से पैर की दिक्कत बहुत बढ़ गई थी।
अमन ने बताया कि रविवार को अतुल ने दवा के धोखे में जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। वह घबराहट में अकेले ही ऑटो से मेडिकल कॉलेज पहुंचा और यहां भर्ती होने के बाद अतुल ने भाई को फोन कर बताया कि उसने धोखे में जहर खा लिया है। साथ ही बोला कि जितनी जल्दी हो झांसी आकर उसे बचा लो। राठ से चले परिजन जब तक झांसी पहुंचते इलाज के दौरान अतुल ने दम तोड़ दिया।