पुलिस की वर्दी पाने के लिए युवाओं ने पीएसी मैदान में दौड़ लगाकर पसीना बहाया। दूसरे दिन 307 अभ्यर्थियों ने दौड़ लगाई, जिसमें 108 अभ्यर्थी ही सफल हो सके।
पुलिस भर्ती परीक्षा शुक्रवार से राजगढ़ स्थित पीएसी मैदान पर आयोजित हो रही है। शनिवार को भी भर्ती के लिए चल रही दौड़ जारी रही। दूसरे दिन झांसी जिले से आए 307 अभ्यर्थी दौड़ में शामिल हुए, जिसमें 108 से अधिक युवाओं ने पहली बाधा पार की। अभ्यर्थियों को चार किलोमीटर आठ सौ मीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी थी। धूप के चलते चलते भर्ती ग्राउंड में पुलिस की ओर से कई बार पानी का छिड़काव कराया गया, ताकि मैदान ठंडा रहे और युवाओं को दौड़ में परेशानी न हो।
दौड़ में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतने के लिए मैदान में उच्च गुणवत्ता के दस क्लोज सर्किट कैमरे भी लगाए गए हैं। एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। शनिवार को नोडल अधिकारी व पुलिस अधीक्षक देहात राहुल मिठास ने जांच करने के बाद दौड़ की प्रक्रिया शुरू कराई। बताते चले कि एक साथ बैच में सौ अभ्यर्थियों की दौड़ कराई जा रही है। मैदान के चारों तरफ पुलिस अफसर अभ्यर्थियों पर नजर रखे हैं। दोपहर में एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने मैदान पर पहुंचकर जानकारी ली।
एसएसपी ने सामने कराई नापजोख
कई अभ्यर्थियों की नापजोख एसएसपी डॉ. ओपी सिंह, नोडल अधिकारी, सीओ देहात संग्राम सिंह, प्रतिसार निरीक्षक विपिन पांडेय ने अपने सामने खडे़ होकर नापजोख कराई। युवाओं का सीना 79.94 सेंटीमीटर व लंबाई 168 सेंटीमीटर नापी गई। इसी तरह, युवतियों की लंबाई 152 सेंटीमीटर व वजन 40 किलोग्राम तौला गया।
ऑनलाइन हो रहा सत्यापन
भर्ती परीक्षा में आ रहे अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन मौके पर ही कराया जा रहा है। कमेटी में शिक्षा विभाग के अफसरों को भी शामिल किया गया है, जो ऑनलाईन सत्यापन कर रहे हैं। मौके पर ही सत्यापन को फीड भी किया जा रहा है।
छह साल से पुलिस में भर्ती होने के लिए दौड़ की तैयारी कर रहा था, आज मैं बहुत खुश हूं कि मैंने दौड़ निकाल ली। - मिलेंद्र कुमार, अभ्यर्थी
सीआईएसएफ में तैनात हूं, पुलिस में भर्ती होने के लिए तैयारी की थी, आज दौड़ निकालने की मुझे भी खुशी है। - निर्मल कुमार दोहरे, अभ्यर्थी
पुलिस में भर्ती होना मेरा सपना है, जिसे हर हाल में पाकर रहूंगा। इसके लिए लंबे समय से कड़ी मेहनत कर रहा हूं। - सुमित यादव, अभ्यर्थी
पूरा विश्वास है कि मेरी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। मैं पुलिस में भर्ती होकर रहूंगा, इसके लिए कितनी भी मेहनत करनी पड़ी। - सुमित सोनी, अभ्यर्थी