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ऐसे भी होते हैं पुलिस वाले, ड्यूटी के साथ निभाते हैं इंसानियत का रिश्ता

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जितेंद्र सिंह यादव, सिपाही
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ऐसे भी होते हैं पुलिस वाले, ड्यूटी के साथ निभाते हैं इंसानियत का रिश्ता
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झांसी। हम आपको रूबरू करा रहे हैं कुछ ऐसे पुलिस वालों से जो विभागीय फर्ज तो निभाते ही हैं साथ ही, इंसानियत का रिश्ता निभाते हुए जरूरतमंदों के साथ हर पल मददगार के रूप में खड़े होते हैं। किसी एक थाना या शहर में नहीं, मदद करने का सिलसिला उनकी पोस्टिंग के साथ जारी रहता है। जहां भी जाते हैं आगे बढ़कर लोगों का दुख दूर करने की हर संभव कोशिश करते हैं। ऐसे पुलिस वालों में अफसर, इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही हर रैंक और उम्र वाले हैं।
झांसी के कई पुलिसवाले मसीहा बनकर लोगों की मदद कर रहे हैं। किसी गरीब बेटी की शादी करानी हो या इलाज का खर्च उठाना हो, ऐसे तमाम पुलिस वाले जरूरतमंदों की मदद के लिए लगातार आगे आ रहे हैं। यहां तक कि कुछ पुलिस कर्मचारी लावारिस पाई जाने वाली लाशों का अंतिम संस्कार कराने में भी मदद करते हैं। इनका यह योगदान झांसी के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी चल रहा है। अधिकारी भी इनके काम की तारीफ कर चुके हैं। जिले में यह पुलिसवाले मिसाल बने हुए हैं।
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पढ़ा रहे गरीब बेटियों को
झांसी में तैनात रहे चुके (अब ललितपुर में ) सीओ सदर मोहम्मद इमरान लोगों की मदद को हमेशा आगे रहते हैं। वह झांसी की रहने वाली कुछ गरीब लड़कियों की पढ़ाई में मदद कर रहे हैं। कुछ महिलाओं के इलाज के लिए हर महीने दवा का इंतजाम करते हैं। ललितपुर में भी उन्होंने मदद का बीड़ा उठा लिया है।
15 गरीब लड़कियों की करा चुके शादी
सिपाही जितेंद्र सिंह यादव अब तक 15 गरीब लड़कियों की शादी करा चुके हैं। शहर में मिलने वाले अधिकांश अज्ञात शवों का धार्मिक रीति -रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करते चले आ रहे हैं। वह 16 आदिवासी बच्चों को प्रतिदिन कॉलेज पहुंचाने के लिए गाड़ी का इंतजाम करते हैं। गरीबों को खाना भी खिलाते हैं।
सर्दियों में सरकारी गाड़ी में रखकर बांटते रहे कंबल
डायल 112 मेें तैनात रफीकउद्दीन रक्तदान करने में सबसे आगे रहते हैं। पूरी सर्दी उन्होंने सरकारी गाड़ी में कंबल रखकर गरीबों को बांटे। खाने के पैकेट गाड़ी में रखकर भी बांटते हैं। गरीब लड़कियों की शादी में भी वह अपना योगदान करते हैं। फोटो व वीडियो से भी सोशल मीडिया पर वह अकसर छाए रहते हैं।
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इलाज के बाद मरीजों को कार से घर भी भेजते हैं
विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज परमेंदर सिंह ने कोरोना काल में मरीजों की काफी मदद की। गरीब मरीजों को दवा से लेकर खाने का इंतजाम कराया। वह मेडिकल कॉलेज में मिलने वाले अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार में भी अपना योगदान देते हैं। गरीब मरीजों को कई बार गाड़ी का इंतजाम कराकर उनके घर भी भेजते हैं।
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