झांसी। निर्माण इकाई के पास बजट होने के बावजूद वह उससे काम नहीं करा रहीं हैं। इसकी पोल शनिवार को डीएम की समीक्षा बैठक के दौरान खुली। यूपीसिडको, जिपं, पैकपेड समेत कई एजेंसियों को बजट आवंटित कर दिया गया लेकिन, कई महीने बाद भी उन्होंने एक पाई खर्च नहीं की। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए यूपीसिडको के एक्सईएन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने शनिवार को विकास भवन सभागार में निर्माण इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। जिला पंचायत विभाग की ओर से 14 नई सड़कों के काम शुरू न होने पर नाराजगी जताई। जिपं की ओर से 2.78 किमी सड़क के लिए 2.08 करोड़ रुपये मिल चुके लेकिन उसने काम ही नहीं शुरू कराया। इसी तरह यूपीसिडको को 17 कार्य कराने थे लेकिन, विभाग की प्रगति बेहद असंतोषजनक रही। डीएम ने एक्सईएन जीपी सिंह को फटकार लगाते हुए उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। विभाग की ओर से 7 निर्माण कार्यो में कोई पैसा खर्च नहीं किया गया। सिर्फ 2 कार्यो पर 50 प्रतिशत से कम धनराशि खर्च हुई जबकि पूरा पैसा जारी कर दिया गया। इसी तरह निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग ने राजकीय आईटीआई का भवन निर्माण एवं पीएसी बटालियन में 200 व्यक्तियों हेतु बैरक निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कार्य शुरू कराने को कहा। लघु सिंचाई विभाग का काम भी संतोषजनक नहीं मिला। उनको पिछले तीन वर्ष के दौरान कराए गए कार्यो का पूरा विवरण देने को कहा गया है। इस दौरान यूपीपीसीएल, पैकफेड, मंडीपरिषद, सीएंडडीएस, सेतु निगम के कार्य भी असंतोषजनक मिले। इन सभी को अल्टीमेटम दिया गया। बैठक में सीडीओ शैलेष कुमार, पीडी डा.राजकुमार गौतम, अधिशासी अभियंता जल निगम नरेन्द्र वर्मा, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।