झांसी। बारिश आने को है, लेकिन नाला सफाई का काम अभी भी कछुआ गति से चल रहा है। सबसे बड़े नाले की सफाई तो दूर, अभी उसपे सर्वे का काम ही पूरा नहीं हुआ है। छोटे-छोटे नालों को साफ कर नगर निगम अपनी पीठ ठोकने की कोशिश कर रहा है। जाहिर है कि बारिश में झांसी को जलभराव, गंदगी और अन्य दिक्कतों को झेलना पड़ेगा।
मानसून आने में अब देरी नहीं है, बावजूद नगर निगम ने बारिश के कारण होने वाली समस्याओं से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इनमें नाला सफाई प्रमुख समस्या है। नगर निगम ने महानगर के छोटे-बड़े नालों की सफाई के लिए योजना बनाई। इसके तहत नाला गैंग बनाकर काम तो शुरू कर दिया गया, मगर लापरवाही के चलते अभी तक 70 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका।
तीन माह के लिए लगाए जाने वाले इस नाला गैंग को सही दिशा-निर्देशन नहीं मिल रहा है और अधिकारी अपनी मनमानी में जुटे हैं। नतीजा, सबके सामने है। बड़े नालों की ओर ध्यान देने की बजाए छोटे नालों की सफाई पर जोर दिया जा रहा है। नगर का सबसे बड़ा नटवली नाला आज भी अंडरग्राउंड है और उसे साफ करने की जो योजना नगर निगम ने बनाई थी, उसका सर्वे छह माह से चल रहा है। उस पर अमल कब होगा? यह जिम्मेदार भी नहीं बता पा रहे हैं।
कुल 206 नाले
नगर क्षेत्र में नगर निगम के रिकार्ड में कुल 206 नाले दर्ज हैं। इनमें 42 नाले बड़े एवं 164 छोटे नाले हैं। इन नालों की सफाई प्रतिवर्ष कराने का दावा नगर निगम करता है। फिर भी बरसात होते ही यह नाले उफना पड़ते हैं और लोगों के घराें, सड़कों पर पानी भर जाता है। ऐसे में परेशानी तो लोगों को होती है, मगर नगर निगम को सफाई के नाम पर लाखों की अलग से ‘इनकम’ हो जाती है।
साढ़े बाईस लाख खर्च, हालात जस के तस
नालों की सफाई के लिए सौ कर्मियों का एक नाला गैंग बनाया जाता है, जो तीन माह तक काम करता है। इन सफाई कर्मियों को प्रतिदिन 250 रुपये का भुगतान किया जाता है। प्रतिदिन के हिसाब से इन सफाई कर्मियों पर 25000 रुपये खर्च किया जा रहा है। तीन माह में 90 दिनों में इन सफाई कर्मियों पर कुल 22 लाख पचास हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इतने रुपये खर्च होने के बावजूद नगर के नालों की स्थिति जस की तस है।
अभी तक निपटा सत्तर प्रतिशत कार्य
नगर के 206 नालों में 42 बड़े नालों की सफाई में जुटा नगर निगम प्रशासन बताता है कि अभी तक कुल 27 नालों की सफाई की जा चुकी है। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरबी गौतम का मानना है कि 164 छोटे नालों में से अभी तक 112 नालों की सफाई की जा चुकी है और उनकी सिल्ट को भी सड़क किनारे से हटा दिया गया है।
नटवली नाला, अभी तो सर्वे
महापौर किरण राजू बुकसेलर ने लगभग छह माह पूर्व बताया था कि नगर के सबसे बड़े नटवली नाले पर वर्षों पुराने मकान बने हैं। इस कारण इसकी सफाई नहीं हो पा रही। इसके लिए पुराने नाले को बंद कर नया नाला लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कॉलेज के पास से बनाया जाएगा और पुराने नाले के एक सिरे को उस नए नाले से जोड़कर इसकी सफाई कराई जाएगी। अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। अधिकारी कहते हैं कि सर्वे चल रहा है।