संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ग्रामवासियों ने जिन महिलाओं को प्रधान चुनकर जिम्मेदारी सौंपी, उन्होंने अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए न केवल अपने गांव, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश में पहचान बनाई। विकास कार्यों और नवाचारों के दम पर कई महिला प्रधानों को मुख्यमंत्री स्तर तक सराहना और सम्मान मिला।
जनपद की 496 ग्राम पंचायतों में से 250 से अधिक में महिला प्रधान चुनी गईं। अधिकांश ने लगन, साहस और पारदर्शिता के साथ काम करते हुए गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया। महिलाओं के लिए स्व-सहायता समूह बनवाए, उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की।
चकारा पंचायत बनी मिसाल
मऊरानीपुर ब्लॉक की चकारा ग्राम पंचायत की प्रधान सुनीता देवी ने विकास की नई मिसाल पेश की। उन्होंने पंचायत भवन का निर्माण कराया, श्मशान घाट बनवाया और गांव में आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना की। आमतौर पर ऐसी सुविधाएं शहरों में भी सीमित होती हैं, लेकिन चकारा में यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है।
महिला हितैषी पंचायत की पहचान
देवी सिंह का पुरा की प्रधान रजनी आर्य ने वर्ष 2023-24 में श्मशान घाट का निर्माण कराया। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार मिला। इस राशि का उपयोग उन्होंने सामुदायिक भवन के निर्माण में किया, जिससे गांव में सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिली। उनके कार्यों से क्षेत्र के लोग प्रेरणा ले रहे हैं।
जनपद में बड़ी संख्या में महिला प्रधान सक्रिय रूप से विकास कार्य कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांवों में सकारात्मक बदलाव आया है और जनपद की छवि भी सशक्त हुई है। - डॉ. बालगोविंद श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी