ट्रेन चलाती महिला रेलवे कर्मचारी।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां दतिया रेलवे स्टेशन का संचालन महिला रेलकर्मियों ने किया, वहीं ग्वालियर जा रही बुंदेलखंड एक्सप्रेस की कमान भी महिला रेलकर्मियों के हाथ रही। रेलवे बोर्ड ने शाइन (सेक्सुअल हरेसमेंट इंसीडेंट नोटिफिकेशन फॉर इम्पावरमेंट) मॉड्यूल लॉन्च कर महिला रेलकर्मियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इसके जरिये महिला रेलकर्मी कार्य स्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतें सीधे एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगी।
महिला दिवस पर रेलवे ने दतिया स्टेशन का संचालन महिलाकर्मियों से कराया। स्टेशन प्रबंधन, टिकटिंग, परिचालन तथा अन्य प्रशासनिक दायित्व महिला कर्मचारियों ने निभाया। उप स्टेशन प्रबंधक शिवानी आर्य ने स्टेशन पर कार्यरत सभी विभागों की महिलाओं को पुष्प व स्मृति चिन्ह भेंट किया। सुरक्षा का दायित्व एसआई उमा यादव ने संभाला। वाराणसी से चलकर ग्वालियर जा रही बुंदेलखंड एक्सप्रेस की कमान भी महिला रेलकर्मियों के हाथ रही। लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टिकट चेकिंग स्टॉफ, आरपीएफ स्टाफ भी महिलाएं रहीं। वहीं, महिला रेलकर्मियों को शाइन के बारे में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त डीआरएम सभाकक्ष में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा।
एआईजीसी ने ट्रेन मैनेजरों को किया सम्मानित
ऑल इंडिया गार्ड काउंसिल के तत्वावधान में डीओएम उर्वशी शेखावत ने महिला ट्रेन मैनेजर अंजलि परमार, श्वेता सिंह गौर, रितु जितवान, दीपिका गुप्ता, रीता, कुमारी सोनी, किरन प्रजापति को मेडल पहनाकर और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। बुंदेलखंड एक्सप्रेस में अंजलि परमार (ट्रेन मैनेजर), कौशल्या देवी (लोको पायलट), दीप्ति कुमारी (सहायक लोको पायलट) के रूप में कार्यरत रहीं।