झांसी। कोतवाली के खंडेराव गेट के पास एक मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस को जमकर विरोध झेलना पड़ा। इस वजह से घंटों बवाल होता रहा। विरोध कर रहीं महिलाओं ने पुलिस को घेर लिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज लोग सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। हंगामा बढ़ने पर दूसरे थानों से भी पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस किसी तरह एक कमरे में कब्जा दिलाकर वापस लौट आई।
लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के पास सड़क पर रतन कुशवाहा एवं हरीराम कुशवाहा का मकान है। हरिराम का कहना है कि उसके पिता सुंदरलाल ने कुछ समय पहले अशोक कुशवाहा से पैसे उधार लेकर मकान का बैनामा किया था। वहीं, अशोक ने इसे एक महिला को बेच दिया। महिला की अपील पर अदालत ने मकान को खाली करा देने का आदेश पुलिस को दिया। कोतवाली पुलिस रविवार को मकान पर अदालती आदेश चस्पा कर गई थी। अदालती आदेश के बाद बुधवार को दोपहर करीब बारह बजे कोतवाली पुलिस मकान पर कब्जा दिलाने पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही घर में मौजूद महिलाएं बिफर उठीं। दर्जनों महिलाओं के साथ वह सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। हंगामा बढ़ता देख महिला थाना एसओ नीलेश कुमारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। महिला एसओ ने भी कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए महिलाओं को समझाने की कोशिश की लेकिन, हंगामा कर रहीं महिलाएं शांत नहीं हो रही थीं। किसी तरह समझा बुझाकर पुलिस ने महिलाओं को शांत कराया। हंगामा बढ़ने पर मौके पर पीएसी को भी बुला लिया गया लेकिन, विरोध की वजह से पुलिस कार्रवाई नहीं कर सकी। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस किसी तरह एक कमरे में कब्जा दिलाकर वापस लौट आई। वहीं, विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अदालत को गलत तथ्य पेश करके गुमराह किया गया। उनका कहना है कि जितनी जगह बेची गई थी, वह उतनी जमीन पर कब्जा देने को राजी हैं लेकिन, पूरे मकान पर कब्जा नहीं देंगे। पुलिस के सामने भी उन लोगों ने आत्मदाह करने की धमकी दी।