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कातिल महिला गिरफ्तार, दो और धरे गए

Sat, 08 Oct 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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crime news jhansi - फोटो : demo
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लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसा कर पहले वसूली और फिर उनकी हत्या करवा देने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ और जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने बताया कि पिछले महीने जिन दो चचेरे भाइयों की हत्या हुई थी, उसके पीछे भी इसी महिला का हाथ था। इसके दो साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया कि प्रेमनगर और बबीना पुलिस ने बीएचईएल आरा मशीन के पास कार समेत हत्याभियुक्त बबीना की महिला सुधा शर्मा, उसके साथी बनगुवां बरुआसागर निवासी अनिल पटेरिया और सीपरी बाजार निवासी राजेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। सुधा शर्मा बहुत ही चालाक और शातिर महिला है। इसके खजराहा बबीना निवासी दीपक शर्मा के प्रेम संबंध थे। दीपक ने अपना मकान 15 लाख रुपये में बेच दिया और सुधा के साथ रहने लगा। दीपक सुधा के पति बृजेंद्र शर्मा का ममेरा भाई था। इसकी जानकारी बृजेंद्र के चचेरे भाई अखिलेश शर्मा को हुई तो वह विरोध करने लगा, क्योंकि उसके भी सुधा से संबंध थे। अखिलेश ने सुधा पर दीपक को घर से भगाने का दबाव बनाया, मगर रुपयों के लालच में उसने उससे संबंध कायम रखे। दीपक के सगे जीजा अनिल पटेरिया के भी सुधा से संबंध थे। दीपक के साथ रहने की वजह से अखिलेश और अनिल पटेरिया की मुलाकात सुधा से नहीं हो पा रही थी।  
दीपक की अपने जीजा अनिल से नहीं बनती थी। दीपक को शक था कि उसके बड़े भाई धर्मेंद्र की मौत अनिल का हाथ था। इसकी वजह थी कि दीपक की बहन रानी शर्मा की 2009 में प्रेमनगर के गड़िया बांध में डूबकर मौत हो गई थी। इसमें धर्मेंद्र ने अनिल के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा कराया था। 25 अगस्त 2016 को आरामशीन में अनिल और अखिलेश मिले तो दीपक ने उनसे गाली-गलौज की। अनिल और अखिलेश ने दीपक की हत्या करने का फैसला कर लिया। 
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 अनिल का साढ़ू राजेंद्र दीपक का रिश्तेदार था। अनिल के कहने पर राजेंद्र ने दीपक से मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया। राजेंद्र ने दीपक से आरामशीन एरिया के प्लांट को बिकवाने की बात कही। 11 सितंबर को राजेंद्र ने दीपक से कहा कि वह शाम को पांच-छह बजे प्लांट के कागजात लेकर मिले। तय समय पर सुधा के साथ दीपक प्लांट पर पहुंचा। वहां राजेंद्र पहले से ही मौजूद था। बातचीत चल रही थी तभी अखिलेश और अनिल पटेरिया अपनी कार से दो अन्य साथियों को लेकर आ गए। इन लोगों को देखकर दीपक नाराज होने लगा। सुधा ने मध्यस्थता करते हुए विवाद शांत कराया और कहीं बैठकर खाने-पाने की बात कहीं। वे कार में बैठकर हाइवे पर पहुंचे तभी अखिलेश ने दीपक के सिर पर हथौड़ा से जोरदार प्रहार कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद हाइवे पर बड़ी माता मंदिर दुर्गापुर गांव के पास शव को फेंककर भाग गए। 
इस घटना के चार दिन बाद दीपक का चचेरा भाई संजय शर्मा आरामशीन बाजार में सुधा को मिला। उसने सुधा को धमकाते हुए कहा कि उसे पता है कि दीपक की हत्या किसने की है? मैं किसी को भी नहीं छोडूंगा।  यह बात सुधा ने तत्काल अखिलेश और अनिल को बताई। इसके बाद संजय की भी हत्या का फैसला कर लिया गया। चूंकि संजय और अखिलेश की आपस में दोस्ती थी, इसलिए प्लान के तहत 26 सितंबर को अखिलेश ने संजय को पार्टी के बहाने अपने गांव बुलाया। उसने खेत में बने कुआं के पास संजय की चाकुओं से गला रेतकर और प्रहार करके हत्या कर दी। 

दो हत्याओं की गुत्थी और सुलझेगी
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार लोग रिश्ते के तीन भाइयों और एक बहन की हत्या कर चुके हैं। अनिल पटेरिया की पत्नी रानी शर्मा रिश्ते में दीपक, धर्मेंद्र और संजय की बहन थी। सुधा से संबंध होने की वजह से अनिल ने अपनी पत्नी रानी का 15 लाख रुपये का बीमा कराया। चार किश्त जमा करने के बाद वह उसे प्रेमनगर के बांध पर ले गया था। वहां धक्का देकर बांध में गिरा दिया था। उसकी मौत हो गई थी। बहन की मौत को लेकर चल रहे विवाद के चलते अनिल ने 2011 में रानी के भाई धर्मेंद्र की ओरछा में सिर पर हथौड़ा से प्रहार करके हत्या कर दी। इसके बाद दीपक और संजय को भी मार डाला। 

पुलिस टीम पुरस्कृत 
 प्रेमनगर थानाध्यक्ष प्रवीन कुमार, बबीना थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह यादव, बिजौली चौकी प्रभारी लालचंद्र यादव, बीएचईएल चौकी प्रभारी राशिद, एसआई अमरपाल सिंह, सिपाही उपेंद्र शर्मा, रितिक मिश्रा, शिवकरन, शैलेंद्र शुक्ला, बृजेंद्र सिंह, शैलेंद्र यादव को पुरस्कृत किया गया। 
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