झांसी। किसी महिला को पुलिस की मदद की दरकार है, लेकिन परिस्थिति ऐसी है कि वो अपने घर के बाहर भी कदम नहीं रख पा रही है। ऐसे में अब घबराने की जरूरत नहीं है। केवल एक कॉल पर पुलिस टीम महिला के दरवाजे पर होगी। महिलाओं को अपनी बात रखने में भी किसी तरह की झिझक का सामना भी नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि टीम में शामिल सभी पुलिस कर्मचारी महिला ही होंगी। जी हां, महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए मंडल में पुलिस ने ये अनूठी पहल की है। मंडल के तीनों जिलों में एक-एक शक्ति मोबाइल टीम बनाई गई है।
महिलाओं के साथ हिंसा की एक के बाद एक लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी के मद्देनजर पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष सिंह बघेल ने मंडल में एक अनूठी पहल की है। झांसी, ललितपुर व जालौन तीनों जिलों में एक-एक शक्ति मोेबाइल टीम का गठन किया गया है। टीम को अलग से गाड़ी व मोबाइल उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक टीम में एक महिला दरोगा व तीन महिला कांस्टेबल शामिल किए गए हैं।
टीम के पास उपलब्ध मोबाइल नंबर पर किसी भी महिला द्वारा मदद मांगने पर तत्काल टीम उस महिला तक पहुंचेगी। अगर दूरदराज के इलाके से फोन आता है, तो तुरंत उस क्षेत्र के संबंधित थाने में सूचना दी जाएगी। थाना पुलिस की कार्यवाही की निगहबानी शक्ति मोबाइल टीम लगातार करती रहेगी। महिलाओं की मदद केवल उनके घरों तक ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल, स्कूल - कॉलेज व दफ्तरों तक में मुहैया कराई जाएगी।
मदद के लिए इन नंबरों पर करें फोन
झांसी - 7839855092
ललितपुर - 7839870546
जालौन - 6392138783
सुबह पार्कों में निगरानी
शक्ति मोबाइल टीम को सुबह के समय पार्कों की में निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई हैं। टीम के सदस्यों को निर्देश हैं कि सुबह वे अलग-अलग पार्कों का लगातार भ्रमण करें। महिलाओं के साथ किसी भी तरह की असभ्य हरकत करने वालों के साथ सख्ती से पेश आएं। आवश्यकता पड़ने पर थाना पुलिस की भी मदद लें।
मऊरानीपुर में विस्तार की है योजना
शक्ति मोबाइल टीम अभी तो प्रत्येक जनपद में एक - एक बनाई गई है। लेकिन, आगामी दिनों में इसका और विस्तार किया जाएगा। इसकी पहली कड़ी में झांसी जिले की मऊरानीपुर तहसील में एक शक्ति मोबाइल टीम गठित की जाएगी।
पीड़ित महिलाओं को तत्काल मदद मिल सके और वे बेझिझक अपनी बात पुलिस के समक्ष रख सकें, इसके लिए ये शक्ति मोबाइल टीमें मंडल के तीनों जनपदों में गठित की गईं हैं। टीमों में महिला पुलिस कर्मचारियों को ही शामिल किया गया है।
- सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी