अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बुधवार को ‘पोस्टर /पेंटिंग प्रतियोगिता’ का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने कागज पर रंगों के जरिये महिला सशक्तीकरण के विभिन्न स्वरूपों को उभारा। इस दौरान शपथ पत्र भरकर नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में प्रतियोगिता पोस्टर और पेंटिंग दो वर्गों में हुई, जिसमें फाइन आर्ट के विद्यार्थियों ने अपनी कला का जादू बिखेरा। छात्र-छात्राओं ने कागज पर तूलिका के जरिये महिला सशक्तीकरण के विभिन्न आयाम दर्शाए। पोस्टर प्रतियोगिता में बीएफए के द्वितीय सेमेस्टर के छात्र मोहित विश्वकर्मा पहले, चतुर्थ सेमेस्टर के विवेकशील दूसरे और प्रीति तीसरे स्थान पर रहीं। जबकि, पेंटिंग प्रतियोगिता में एमएफए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र प्रीतम कुमार पहले, बीएफए तृतीय सेमेस्टर के छात्र राजकुमार व बीएफए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र देव नामदेव संयुक्त रूप से दूसरे और एमएफए प्रथम सेमेस्टर के छात्र अजय सिंह तीसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में पुलिंद कला दीर्घा संस्थान के अध्यक्ष मुकुंद मेहरोत्रा, ललित कला संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पांडेय, शिक्षक जयराम कुटार, सुनीता, मुकुल वर्मा व आरती वर्मा शामिल रहीं।
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। अध्यक्षता ललित कला संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. सीबी सिंह ने की। मुख्य अतिथि प्रॉक्टर प्रो. आर के सैनी ने कहा कि बेटियां अपने साथ होने वाली किसी भी तरह की अप्रिय घटना के प्रति चुप न रहें, बल्कि बताएं। समस्या का समाधान होगा। हिंदी विभाग के समन्वयक डॉ. मुन्ना तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों ने अपने पोस्टर और पेंटिंग के जरिये नारी के विभिन्न स्वरूपों का चित्रण किया। पत्रकारिता संस्थान के पूर्व समन्वयक प्रो. सीपी पैन्युली ने अपराजिता का मतलब है कभी पराजित न होने वाली। ये गुण केवल महिलाओं में ही है। शंकराचार्य को भी एक महिला ने ही पराजित किया था। इसी क्रम में उमेश शुक्ला, इं. अजय राव ने भी विचार प्रकट किए। संचालन डॉ. मोहम्मद नईम ने किया। आभार दिलीप कुमार ने जताया।
गरिमा को बढ़ाने वाली मुहिम
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम नारी गरिमा को बढ़ाने वाली है। इसके तहत होने वाले आयोजन महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने का काम कर रहे हैं। सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में आयोजित हुई पोस्टर /पेंटिंग प्रतियोगिता में बनाए गए चित्रों में महिलाओं के विभिन्न गौरवपूर्ण चित्र देखने को मिले।
- संजय सतोईया, छात्र
गौरव का अहसास हुआ
अपराजिता के तहत शपथ पत्र भरकर नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली जा रही है। ये शपथ लेकर गौरव का अहसास हुआ। इस मुहिम से महिलाओं का मनोबल बड़ेगा। महिलाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव होगा। प्रतियोगिता में बनाए गए चित्रों में महिलाओं के हर आयाम को दर्शाया गया। खासतौर पर आगे बढ़ती महिलाओं को रंगों के जरिये उकेरा गया।
- ऋतु, छात्रा