झांसी। सड़क दुर्घटना में घायल महिला की मौत पर परिजनों ने एक निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों की शिकायत पर नगर मजिस्ट्रेट ने मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
जालौन जनपद के ग्राम बिरिया खुर्द निवासी गिरिजा प्रसाद की पत्नी रजनी अनुरागी (31) कुछ दिन पहले अपने मायके हमीरपुर जिले के सरीला गांव गई हुई थी। पांच जून को वो बस में सवार होकर किसी काम से राठ आई थी। इसी बीच एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिससे वो घायल हो गई थी। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। यहां समुचित इलाज न मिलने पर मेडिकल के पास स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया था।
रजनी के पिता सूरज प्रसाद ने आरोप लगाया कि 90 हजार रुपये चुकाने के बाद भी नर्सिंग होम में सही इलाज नहीं किया जा रहा था। इस पर डिस्चार्ज करने को कहा तो नर्सिंग होम की ओर से 86 हजार रुपये की और मांग की गई। इस पर परिजन शुक्रवार की शाम नगर मजिस्ट्रेट के पास पहुंच गए और अपनी व्यथा बताई।
नगर मजिस्ट्रेट ने सीएमओ को फोन किया। सीएमओ द्वारा नर्सिंग होम को निर्देश दिए जाने के बाद महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। नर्सिंग होम से छुट्टी कराकर परिजन महिला को लेकर मेडिकल लेकर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने बताया कि सीएमओ को इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पिता सूरज प्रसाद का आरोप है कि जो दवाइयां नर्सिंग होम के भीतर स्थित मेडिकल स्टोर पर 13,033 रुपये में मिलीं, वो बाहर दुकान पर महज 820 रुपये में मिली। इतना ही नहीं, नर्सिंग होम स्टाफ ने जिस डॉक्टर से ऑपरेशन कराने की फीस जमा कराई थी, उससे नहीं कराया। किसी झोलाछाप से ऑपरेशन कराया, जिससे महिला की हालत बिगड़ गई। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बगैर परिजनों से पूछे बेटी का वेंटीलेटर भी हटा दिया गया था। ब्यूरो