झांसी। विश्व आयोडीन अल्पता दिवस के मौके पर जन-जागरूकता कार्यक्रम को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनके जैन ने कहा कि हर साल इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। आयोडीन युक्त नमक का सेवन नही करने से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास रुक जाता है। जिसके चलते बच्चे मंदबुद्धि हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की मिट्टी में आयोडीन नही होने के कारण गर्भवती महिलाओं व नवजातों को आयोडीन विकार का खतरा रहता है। जिसके चलते आयोडीन युक्त नमक द्वारा आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों को रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को शुरू किया गया है। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला ने कहा कि थाइराइड हार्मोन के स्तर में कमी होने से महिलाओं में नियमित रूप से मासिक धर्म बनाए रखने वाला हार्मोन भी प्रभावित हो जाता है। आयोडीन नमक के रोजाना सेवन से तेज दिमाग, स्वस्थ व उर्जा से भरपूर शरीर व कार्य करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है।