झांसी। किसानों को सिर्फ खेतों में पराली पड़े होने की सूचना पशुपालन विभाग को देनी होगी। इसके बाद विभाग गोशालाओं तक पराली पहुंचाने की व्यवस्था खुद बनाएगा। अफसरों को उम्मीद है इसके जरिए किसान आसानी से पराली से निजात पा सकेंगे।
धान की फसल के कटाई खत्म होने के साथ ही खेतों से पराली निकलना शुरू हो गई है। पिछले दफा पूरे प्रदेश में पराली जलाने वाले दस बड़े शहरों में झांसी भी शामिल था। इस मामले को लेकर सरकार को सुप्रीम कोर्ट में फटकार भी खानी पड़ी थी। किसानों को जागरूक करने के अलावा पशुपालन विभाग ने नई व्यवस्था शुरू की है। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ.वाई के तोमर ने बताया कि किसानों को पराली हटाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम नहीं करने होंगे बल्कि इसकी सूचना ग्राम प्रधान अथवा विभाग को देनी होगी। इसके बाद पशुपालन विभाग पराली को सीधे खेतों से उठाकर गोशालाओं तक पहुंचाएगा। उनके मुताबिक इसके लिए उनको कोई शुल्क भी नहीं देना होगा।
चौबीस घंटे निगरानी करेंगे कंट्रोल रूम
पराली जलाने की रोकथाम को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के सख्त तेवरों को देखते हुए प्रशासन कोताही बरतने के मूड में नहीं है। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी के मुताबिक उपकृषि निदेशक कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। उपसंभीय कृषि प्रसार अधिकारी संजीव सिंह को प्रभारी बनाया गया है। उनको मोबाइल नंबर 9458065687 पर सूचना दी सकती है। डीएम के मुताबिक दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ अर्थदंड समेत एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।