झांसी। झांसी और ललितपुर के तीन लाख विद्यार्थियों को लगातार दूसरे साल बिना परीक्षा दिए पास कर दिया जाएगा। कोरोना काल में विद्यालय बंद रहने के लिए केवल क्षमता आकलन के आधार पर अगली कक्षा में भेजा जाएगा। इसे लेकर निर्देश आने के बाद शिक्षा विभाग में तैयारियां तेज हो गई हैं।
कोरोना काल के चलते शैक्षिक सत्र 2019-20 में परिषदीय विद्यालयों को अगली कक्षा मेें प्रोन्नत कर दिया गया। साल 2020-21 में भी कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालयों का संचालन शुरू नहीं किया जा सका। कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 10 फ रवरी और कक्षा एक से पांच तक के विद्यालयों को एक मार्च से खोला गया, लेकिन इस बार भी बच्चों की परीक्षा नहीं कराई जाएगी। इसकी जगह विभाग प्रेरणा ज्ञानोत्सव का आयोजन कर रहा है। इसके जरिए कोरोना काल में पढ़ाई बाधित होने के कारण बच्चों का आंतरिक मूल्यांकन किया जाएगा।
इसमें 100 दिन की उपचारात्मक पढ़ाई कराकर बच्चों को गणितीय क्षमताओं और उनके मूल्यांकन कर बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। शैक्षिक दक्षताएं विकसित करने के लिए विभाग ने समृद्ध हस्तपुस्तिका मुहैया कराई है। इनके जरिए ही भाषा और गणित का प्रारंभिक आकलन होगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक झांसी के 137840 और ललितपुर के 163249 बच्चों को अगली कक्षा में भेजा जाएगा। विभाग ने शासन से निर्देश मिलने के बाद प्रेरणा ज्ञानोत्सव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
फेल नहीं करने का है नियम
निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को फेल न करने का नियम है। ऐसे में बच्चों को प्रोन्नत करने का फैसला लिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने शिक्षकों को भी इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रेरणा ज्ञानोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 100 दिन का उपचारात्मक शिक्षण कराकर बच्चों की क्षमताओं का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर बच्चों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किए जाएगा।
हरिवंश कुमार, बीएसए