झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डिलेवरी के दौरान अब जरूरतमंद गर्भवतियों को ही ब्लड बैंक से रक्त देने का फैसला किया है। प्रसूता के परिजनों द्वारा खुद ब्लड न देकर जननी सुरक्षा योजना के तहत ब्लड बैंक से रक्त की मांग करने के कई मामले सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने यह फैसला किया है।
गौरतलब है कि जननी सुरक्षा योजना के तहत घर पर प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र के बीपीएल कार्डधारकों को पांच सौ रुपये मिलते हैं। इसके अलावा सरकारी चिकित्सालयों में प्रसव कराने पर ग्रामीण इलाकों के बीपीएल कार्ड धारकों को चौदह सौ तथा शहरी क्षेत्र के बीपीएल कार्ड धारकों को एक हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। वहीं, उन्हें सरकारी एंबुलेंस द्वारा घर से अस्पताल लाने और प्रसव बाद वापस नि:शुल्क घर पहुंचाने की व्यवस्था है।
पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. डीनाथ के मुताबिक काफी समय से गर्भवतियों के परिजन प्रसव के दौरान रक्त की मांग कर ब्लड बैंक से बिना डोनर के रक्त ले लेते हैं। ऐसी स्थिति में ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो जाती है और जरूरतमंदों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है।
कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत कहीं पर भी बिना डोनर के ब्लड देने के निर्देश नहीं हैं। इसलिए अब ब्लड बैंक से डोनर होने पर ही प्रसव के समय गर्भवती को ब्लड दिया जाएगा। यदि किसी गर्भवती महिला के साथ कोई परिजन नहीं है और वह लावारिस, निराश्रित, आकस्मिक, हादसे का शिकार, कैलीफीनिया से ग्रस्त है, तभी उसे जरूरतमंद मानते हुए बिना डोनर के रक्त दिया जाएगा।