झांसी। न बैंक खाते का ब्योरा मांगा और न ही एटीएम कार्ड हथियाया, बावजूद इसके बैंक खाते से रकम उड़ा दी गई। साइबर अपराध का ये नया ट्रेंड सामने आया है। दो बार में बीस हजार रुपये की धनराशि की खाते से निकाल ली गई। अपराधियों ने इस कारनामे को अंजाम फिंगर प्रिंट की मदद से दिया।
साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। आमतौर पर अपराधी फोन कॉल के जरिये धोखा देकर पहले बैंक खाते का ब्योरा इकट्ठा करते हैं और उसके बाद रकम पर हाथ साफ कर देते हैं। इसके अलावा एटीएम कार्ड बदलकर पैसा निकालने की भी कई वारदातें सामने आ चुकी हैं। लेकिन, हाल ही में सामने आई इस घटना में साइबर अपराधियों ने उक्त दोनों में से किसी भी ट्रेंड का सहारा नहीं लिया।
बीकेडी चौराहे के पास निवासी वीरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बचत खाता है। बीती रात साढ़े ग्यारह बजे उनके मोबाइल पर दस हजार रुपये निकाले जाने का मेसेज आया, जिसे वे नहीं देख पाए। जबकि, शुक्रवार की सुबह तकरीबन आठ बजे एक और मेसेज आया, जिससे उन्हें जानकारी हुई कि दस हजार रुपये की और निकासी हो गई है। दोनों ही निकासी छत्तीसगढ़ के एटीएम से हुई और इसमें साइबर अपराधियों ने फिंगर प्रिंट का सहारा लिया। उन्होंने आशंका जताई कि साइबर अपराधियों ने उनका आधार कार्ड हैक कर उसके जरिये फिंगर प्रिंट हासिल किए और उसकी मदद से एटीएम से रकम उड़ा दी गई। उन्होंने सूचना पुलिस को दे दी है।