झांसी। अब वायरल बुखार को पीछे छोड़ चिकुनगुनिया ने अटैक तेज कर दिया है। पिछले एक महीने के दौरान मरीजों की संख्या तीन गुना तक बढ़ी है। बच्चे, युवा और बूढ़े सभी इसकी चपेट में हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ इस कदर बढ़ी है कि घंटों लाइन में लगने के बाद नंबर आ रहा है।
बदलते मौसम से अस्पतालों में मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। लोगों पर वायरल बुखार के साथ चिकुनगुनिया का डबल अटैक होने से लोग बेहाल हो गए हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढती जा रही है। साथ ही निजी अस्पताल और अन्य चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या बढ़ी है। ओपीडी में लगभग प्रतिदिन 300 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। 200 बच्चे भी चिकुगुनिया और वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं, जिन्हें डाक्टर दवाओं के साथ साथ जांच कराने को भी कह रहे हैं। पैथालॉजी में प्रतिदिन 400-500 जांचे प्रतिदिन डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया की हो रही हैं।
जिला अस्पताल, ओपीडी
अगस्त सितंबर
मरीजों की संख्या लगभग 200 500
डेंगू 0 10-15
चिकुनगुनिया 0 50-60
वायरल बुखार 50-60 150-200
मलेरिया 0 10-15
अन्य 120-150 100-150
मरीजों का दर्द
पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा है, डाक्टर को दिखाया तो उन्होंने वायरल फीवर बताया है। दवाइयां मिली हैं अब आराम मिल जाएगा। डर था कहीं चिकुनगुनिया न हो इसलिए दिखाने आ गया।
सीताशरण तिवारी, मरीज
पिछले पांच दिन से बुखार आ रहा है। डाक्टर को दिखाया था तो उन्होंने मलेरिया की जांच लिखी थी। जांच में तो कुछ नहीं निकला। दवाइयां दी थीं जिससे आराम मिल गया है।
बलराम, मरीज
चिकुनगुनिया के लक्षण
तेज बुखार आना, जोड़ों में दद, सिर दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, त्वचा पर लाल रंग के दाने, नाक, मुंह से खून आना।
कारण
घर के आसपास गंदगी जमा होना, घर में रखे अनुपयोगी सामान में पानी जमा होना, खुले में सोना, घर के आसपास मच्छरों का जमावड़ा होना।
बचाव
घर से पुराने टायर, कबाड़ और अन्य चीजों में पानी जमा न होने दें, कूलर का पानी नियमित बदलें या उसमें मच्छर का लार्वा मारने की दवा डालें, पानी से भरे बर्तन ढंक कर रखें, बर्तन नियमित साफ करें और पानी भी बदलते रहें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, रात को मच्छरदानी लगाकर सोएं।
सुबह से मरीजों का तांता लग जाता है। मरीज वायरल फीवर और चिकुनगुनिया से पीड़ित हैं। उनको दवा के साथ-साथ जांच करवाने के लिये भी कहा जा रहा है। वायरल बुखार वृद्ध और महिलाओं को ज्यादा हो रहा है, जबकि चिकुनगुनिया युवाओं को प्रभावित कर रहा है। प्रतिदिन लगभग 300 मरीज आ रहे हैं।
डीएस गुप्ता, फिजीशियन
जिला अस्पताल
बच्चों में वायरल बुखार का असर ज्यादा दिख रहा है। चिकुनगुनिया से पीड़ित बच्चों की संख्या में एक महीने के दौरान लगभग दोगुने का इजाफा हुआ है। प्रतिदिन लगभग 200 बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं।
डा. एके सिंह
बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
अस्पताल में डेंगू, चिकुनगुनिया के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। दवाइयां पर्याप्त हैं और मरीजों की जांचें कराई जा रही हैं। वार्र्डों में साफ-सफाई का ध्यान भी रखा जा रहा है जिससे अन्य मरीजों तक बीमारी न फैले।
डा. रमेश चंद्रा, सीएमएस
मुख्य सचिव ने कहा, बीमारियों की रोकथाम करें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
डेंगू, चिकुनगुनिया और मलेरिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को इनकी रोकथाम के निर्देश दिए हैं। जिले में भेजे पत्र में कहा है कि जगह-जगह बरसात का पानी इकट्ठा है, इस पानी में मच्छर पनप रहे हैं। इन मच्छरों की वजह से बीमारियां फैल रही हैं। यदि समय रहते हुए इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो बीमारियां व्यापक स्तर पर फैल जाएंगी। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतें पानी की निकासी की व्यवस्था करें।
ये दिए गए निर्देश
नियमित दवा का छिड़काव कराएं।
ग्राम पंचायत अधिकारी जन सहभागिता से विशेष सफाई अभियान चलाएं।
ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों का सक्रिय सहयोग प्राप्त करें।
विशेष सफाई अभियान के अंतर्गत कचरा हटाया जाए,
पानी के ठहरने के स्थानों को चिह्नित कर उसकी निकासी की व्यवस्था की जाए।
नालियों की सफाई नियमित रूप से कराएं।
ग्राम वासियों और शहरवासियों को एकत्र पानी की निकासी के लिए जागरूक करें।
स्कूलों में बच्चों को प्रार्थना के बाद बीमारियों के कारण और बचाव के बारे में जानकारी दें।