झांसी। महानगर में होर्डिंग लगाने का ठेका एक ही एजेंसी को देने के लिए एक बार फिर टेंडर निकाले जाएंगे। आचार संहिता समाप्त होते ही नगर निगम टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। पिछली बार निकाले गए टेंडरों में सभी ठेकेदारों ने पूल बनाकर रेट की जगह गजट की तिथि लिखी दी थी, इस कारण टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई थी।
नगर निगम में कई प्रचार एजेंसियां होर्डिंग लगाने के लिए रजिस्टर्ड हैं। नियमित किराया न देने के कारण इन एजेंसियों पर लाखों रुपये बकाया है। एजेंसियों से बकाया वसूलने में नगर निगम को दांतों पसीना आ जाता है, लेकिन कामयाबी नहीं मिलती है।
इससे निजात पाने के लिए नगर निगम ने पूरे शहर में प्रचार का ठेका एक ही एजेंसी को देने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में टेंडर निकाले थे, लेकिन तब प्रचार एजेंसियों ने पूल बनाकर टेंडर नहीं डाले थे। मार्च के अंत में हुई इस प्रक्रिया के कारण नगर निगम को नये वित्तीय वर्ष में पुरानी ही व्यवस्था को जारी रखना पड़ा था।
एजेंसियों का पूल तोड़ने के लिए नगर आयुक्त के निर्देश पर इस बार जनवरी माह में ही टेंडर निकाले गए थे। टेंडर में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बकायेदार इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे। एजेंसियों ने इसका तोड़ निकालते हुए अपने नाते रिश्तेदारों के नाम से टेंडर खरीदकर डाल दिए थे। यहां भी पूल व्यवस्था जारी रही।
टेंडर डालने वाले सभी ठेकेदारों ने निविदा में रेट की जगह लिखा था कि 21 जून 2015 को जारी गजट के अनुसार। निविदा में रेट न लिखने के कारण नगर निगम ने सभी टेंडर रद्द कर दिए थे। इसके बाद विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी थी।
आचार संहिता इसी सप्ताह समाप्त हो जाएगी, इसके बाद नये सिरे से टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि, प्रचार एजेंसियों की लामबंदी के कारण एक बार फिर टेंडर फेल होने की उम्मीद है।