अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नल से जल पाने के लिए अभी ग्रामीणों को तीन महीने और इंतजार करना पड़ेगा। समय पर काम पूरा न हो पाने की वजह से योजना की मियाद बढ़ा दी गई है। खासतौर पर तीन परियोजनाओं के काम की रफ्तार धीमी होने की वजह से पूरी योजना प्रभावित हो गई है।
झांसी में हर घर नल से जल योजना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 जून 2020 को शिलान्यास किया था। इसका काम जून 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन तय अवधि गुजरने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया है। खासतौर पर इमलौटा, बरथरी और टेहरका परियोजनाएं पिछड़ गई हैं। 600 करोड़ की इन तीनों परियोजनाओं के काम की जिम्मेदारी दिल्ली की बृजमोहन कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई थी। इन परियोजनाओं के माध्यम से योजना में शामिल किए गए 613 गांवों में से 286 में नलों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाना था। लेकिन कर्मचारियों की कमी की वजह से कंपनी के काम की रफ्तार शुरुआत से ही धीमी रही। इसके चलते तीनों परियोजनाएं पिछड़ गईं। इस पर एजेंसी पर पच्चीस करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, कंपनी के काम की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। जबकि, विभाग का दावा है कि अन्य सात परियोजनाओं गुलारा, बचावली, तिलैथा, बुढ़पुरा, पुरवा, कुरैचा और बढ़वार का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है। 327 गांवों में नलों के जरिये पानी पहुंचाया भी जाने लगा है। हालांकि, विभाग का यह भी कहना है कि कहीं-कहीं कुछ तकनीकी खामियां भी सामने आई हैं। इससे नियमित जलापूर्ति बाधित बनी हुई है। इन कमियों को भी दूर किया जा रहा है। सितंबर माह में योजना धरातल पर पूरी तरह से साकार हो जाएगी।
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पंप से खींच रहे पानी, सिंचाई में कर रहे उपयोग
हर घर नल से जल योजना अभी धरातल पर पूरी तरह से उतर भी नहीं पाई है और इसके पानी के दुरुपयोग के मामले सामने आने लगे हैं। तमाम लोगों ने वाटर पंप लगा लिए हैं। इससे पानी आगे के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसके अलावा पिछले माह ग्राम विरगुवां में एक मामला पकड़ा गया था, जिसमें गांव में रहने वाले कीरथ ने मेन लाइन से पानी का अवैध कनेक्शन ले लिया था और वह इस पानी का उपयोग खेत की सिंचाई के लिए कर रहा था। इसके लिए उसे पंप तक लगा लिया था। मामले सामने आने के बाद उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा, वाटर पंपों का उपयोग करने वालों की भी निगरानी की जा रही है। उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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दिल्ली की एजेंसी बृजमोहन कंस्ट्रक्शन कंपनी के काम की रफ्तार धीमी होने की वजह से योजना प्रभावित हो गई है, जिससे मियाद बढ़ानी पड़ गई है। अब सितंबर में काम पूरा कर लिया जाएगा। जबकि, एजेंसी पर लगभग 25 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, पानी का दुरुपयोग करने वालों की भी निगरानी की जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। - इं. रणविजय सिंह, अधिशासी अभियंता-जल निगम