फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गम और गुस्से में डूबा मुरारी गांव, नीरज की पत्नी बोली- हत्यारों को जल्द सजा नहीं मिली तो बच्ची के साथ दे दूंगी जान

विज्ञापन
घटना स्‍थल पर पहुंचकर पुलिस ने आस पास के लोगों से ली घटना की जानकारी।
विज्ञापन
झांसी। थाना बबीना के मुरारी गांव में दो भाइयों को क्रेटा कार से कुचलकर मार देने की घटना से परिजनों के अलावा ग्रामीणों में गम व गुस्सा है। पिता भैया साहब ने कहा कि हत्यारों को फांसी पर लटका देना चाहिए। हमारे घर की खुशियां छीन ली गई हैं। वहीं मृतक नीरज की पत्नी वर्षा ने कहा कि जल्द हत्यारों को सजा नहीं हुई तो वह बच्चे के साथ अपनी जान दे देगी। घटना के दूसरे दिन भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन

हादसे के बाद शुक्रवार सुबह एएसपी केवी अशोक व बबीना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह जांच करनेे घटनास्थल पहुंचे। एकत्रित ग्रामीणों व परिजनों से घटना की जानकारी ली। एक ग्रामीण ने बताया कि वह खेत के पास शौच कर रहा था, तभी तेज रफ्तार से आती कार दिखी। इससे पहले वह कुछ समझ पाता, तभी सामने से आ रहे बाइक सवार नीरज व विवेक को कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनोें बारह फुट ऊपर उछलकर नीचे गिरे। यह देखकर वह घबराकर घर की तरफ भाग गया। सड़क से निकल रहे दूसरे ग्रामीण ने बताया कि नीरज के सिर का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, पैर भी हड्डी से अलग था। यही हाल विवेक का भी था। सिर व पैर में गंभीर चोट के चलते दोनाें की सांसें थम चुकी थीं। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से दोनों को उठाकर सड़क पर लाए। इस दौरान सूचना पर नीरज व विवेक के भाई भी आ गए। एक ग्रामीण की स्कॉपियो गाड़ी में डालकर मेडिकल कॉलेज लेकर भागे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। करीब डेढ़ घंटे चली पुलिस की जांच में कई ग्रामीणों के बयान लिए गए।
वहीं, घटना को लेकर गांव में मातम पसरा रहा। ग्रामीण शोक जताने के लिए मृतकोें के घर पर पहुंचते रहे। पिता व भाइयों को समझाते रहे, लेकिन पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों के साथ नीरज की पत्नी का और भी बुरा हाल रहा।
विज्ञापन

एक रिश्तेदार दे रहा था लोकेशन
घटना के बाद एक रिश्तेदार ने छोटू को फोन कर बताया था कि उसके पिता से झगड़ा हो गया है। नीरज व विवेक पुलिस से शिकायत करने के लिए जाने वाले हैं, जल्द आकर ऐसा सबक सिखाओ कि पुलिस के पास जाना भूल जाएं। यह सुनकर छोटू तेज रफ्तार में कार लेकर गांव के पास पहुंचा। इस दौरान एक रिश्तेदार ने बताया कि दोनों भाई घर से निकल गए हैं और बांध के पास पहुंचने वाले हैं। पुलिस के अनुसार इसके बाद मौका पाकर छोटू ने दोनों को टक्कर मारकर मौत की नींद सुला दिया।
नाम पूछने पर घबराए चश्मदीद
जांच करने पहुंची पुलिस को चश्मदीद सब कुछ बताने को तैयार थे, लेकिन जैसे ही थाना प्रभारी निरीक्षक ने रजिस्टर निकालकर नाम पूछा तो सभी शांत हो गए। ग्रामीण बोले कि साहब हमें इस मामले में न डालो। गांव की रंजिश खराब होती है। कौन कोर्ट के चक्कर लगाएगा। बिना नाम बताए ही चश्मदीद बाइक पर बैठकर चले गए।
घराें में ताले लगाकर भागे हत्यारोपी
गांव में ही हत्यारोपियों के दो मकान हैं। ये मकान मृतकों के घर से कुछ ही दूरी पर हैं। घटना के आधे घंटे के भीतर ही सभी लोग मकानों में ताले लगाकर भाग गए थे। शुक्रवार को भी मकानों में ताले लगे रहे। बृहस्पतिवार रात में पुलिस ने गांव के पुरुषोत्तम उर्फ पतरोल, अरविंद उर्फ चिकना, रोहित उर्फ छोटू, सुखदेव, प्रद्युम्न, सूरजभान, सुनील भार्गव, रेखा, हरकुंवर व ऊषा के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली थी। घटना वाली रात गिरफ्तार किए गए आरोपी रोहित को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही हैं।
एफआईआर दर्ज करने के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। गांव में पुलिस बल तैनात है। पुलिस मामले की जांच भी अपने स्तर से कर रही है।
विज्ञापन

श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें