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Jhansi News: हमीरपुर के बदमाशों ने डाली थी डकैती, पड़ोसी निकला मास्टर माइंड

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झांसी। गुरसराय के खैरो नुनार गांव में 19 मार्च को पड़ी डकैती में किसी करीबी के शामिल होने का जो अंदेशा लगाया जा रहा था, वह आखिरकार सच साबित हुआ। डकैती कांड का मास्टर माइंड भवन स्वामी श्रेयांश जैन का पड़ोसी ही निकला। बीती रात पुलिस मुठभेड़ में मास्टर माइंड पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसने सभी आठ बदमाशों के नाम उगल दिए। सभी बदमाश हमीरपुर के हैं। वारदात से पहले रेकी के लिए बदमाशों ने किराए पर कमरा लिया था। दो बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब बाकी बदमाशों की तलाश में जुटी है।
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बृहस्पतिवार देर रात एरच रोड पर पुलिस टीम की दो बदमाशों से मुठभेड़ हो गई थी। इसमें अजय अहिरवार (28) पुत्र मुन्ना लाल अहिरवार एवं अर्जुन शिवहरे (22) निवासी मझगवां हमीरपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में पुलिस को मालूम चला कि अजय ही डकैती की पूरी घटना का मास्टर माइंड था। वह इसके पहले भी लूट और चोरी के कई मामलों में जेल काट चुका है। इन दिनों उसके पास कोई काम नहीं था।
अजय ने पुलिस को बताया कि जेल में रहने के दौरान उसकी हमीरपुर के बदमाशों से जान-पहचान हुई थी। यह सभी बदमाश बड़ी वारदात करके मोटी रकम बनाना चाहते थे। पुलिस के अनुसार मार्च महीने में इन बदमाशों की दोबारा मुलाकात अजय से हुई। अजय को पैसों की जरूरत थी। उसने अपने गांव में रहने वाले श्रेयांश जैन के बारे में बदमाशों को बताया और उसके घर में डकैती डालने की योजना बनाई। शुरू में चार बदमाशों को ही शामिल किया लेकिन, श्रेयांश के परिवार में कई लोग होने से चार अन्य बदमाश भी शामिल कर लिए गए।
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रेकी के लिए इन लोगों ने गरौठा इलाके में एक किराए का कमरा लिया था। यहां से डिलिवरी ब्वॉय बनकर बदमाश श्रेयांश के घर समेत उसके आने-जाने के रास्तों की रेकी करने लगे। पूरा प्लान तैयार होने के बाद गरौठा में मकान में सभी एकत्रित हुए। यहां बदमाशाें ने जमकर शराब पी। अजय गांव में ही रहकर लोकेशन बताता रहा। लूटपाट के बाद बदमाश यहां से भागकर आसपास के इलाकों में छिप गए।
बृहस्पतिवार देर रात हुई मुठभेड़ में अजय के साथ हमीरपुर निवासी अर्जुन भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। दोनों के पास से पुलिस ने लूट के 3.80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मुठभेड़ टीम में गुरसराय प्रभारी ललितेश नारायण त्रिपाठी, रक्सा थाना प्रभारी अरुण कुमार तिवारी, प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार सिंह, अजय यादव समेत सर्विलांस एवं स्वॉट टीम मौजूद रही।
घर छोड़कर नहीं भागा मास्टर माइंड
मास्टर माइंड अजय अहिरवार बेहद शातिर बदमाश है। वारदात के बाद सभी बदमाश श्रेयांश के घर से निकलकर फरार हो गए लेकिन, पुलिस को चकमा देने के लिए अजय उनके साथ नहीं भागा बल्कि अपने घर में चला गया। जब पुलिस आई तब भी वह श्रेयांश के घर के बाहर खड़ा रहा। डकैती के माल के बंटवारे के लिए जब वह बाहर निकला तभी पुलिस से उसकी मुखबिरी हो गई और वह हत्थे चढ़ गया। पुलिस का कहना है कि जांच को गुमराह करने के लिए ही उसने बदमाशों को पूरे परिवार के बारे में बताया था, जिससे पुलिस को शक श्रेयांश के परिवार के ऊपर ही रहे।

एसएसपी ने कहा-पुलिस बदमाशों को मिट्टी में मिला देगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उमेश पाल हत्याकांड को लेकर दिए बहुचर्चित बयान के तर्ज पर ही एसएसपी राजेश एस ने भी शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस के दौरान पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने का एलान करते हुए कहा कि घटना में शामिल सभी बदमाशों के नाम पुलिस को मालूम चल गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। वारदात में शामिल बदमाशों को पुलिस मिट्टी में मिला देगी।
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