ऑटो चालकों को बड़ाबाजार से बस स्टैंड तक का किराया पांच की जगह दस रुपये वसूलने से कोई नहीं रोक पा रहा है। एआरटीओ ने शुक्रवार को कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन अब वह स्टाफ की कमी का बहाना बनाकर शांत है। दोगुना किराया वसूली पर रोक नहीं लग पाने से आम लोगों में रोष व्याप्त है।
ऑटो चालकों को बड़ाबाजार से घास मंडी स्थानांतरित करने के बाद से सवारियों से दोगुना किराया वसूला जा रहा है। निर्धारित किराया पांच की जगह दस रुपये कर देने से विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। बुधवार को आरटीओ विभाग ज्यादा किराया वसूल रहे सात ऑटो पर कार्रवाई कर चालान किया। उस दिन ऑटो चालक पांच रुपये लेने लगे। इसके बाद बृहस्पतिवार को फिर से अधिक किराया वसूलना शुरू कर दिया। एआरटीओ आरके सिंह ने शुक्रवार को कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन उनकी टीम कार्रवाई करने नहीं आई, इससे ऑटो चालकों ने दस रुपये ही वसूले।
ऑटो चालकों की समस्याएं
ऑटो चालक संतोष और कृष्ण बिहारी ने बताया कि बड़ागांव गेट की ओर से आने वाले ऑटो रामलीला मैदान के पास गली में खडे़ होते हैं। यहां से वह बुकिंग की सवारियां बैठा लेते हैं और लक्ष्मी गेट की ओर जाते हैं। इस कारण सवारियां घास मंडी तक नहीं आती हैं। यदि हम लोगों को बड़ा बाजार से हटाया गया है तो इन लोगों को भी रामलीला मैदान के पास न खडे़ होने दिया जाए।
एआरटीओ के बहाने
एआरटीओ प्रवर्तन आरके सिंह का कहना है कि स्टाफ मुख्यालय में अटैच हो गया है, इस कारण कार्रवाई करने में समस्या हो रही है। एक दो दिन बाद सब ठीक हो जाएगा। इसके बाद अभियान चलाकर नियम विरुद्घ किराया वसूल रहे ऑटो चालकों पर कार्रवाई होगी।
आरटीओ विभाग की लापरवाही के कारण इनकी मनमानी चल रही है। कार्रवाई हो नहीं रही है। इस कारण किराया बढ़ा दिया है। एक दिन कार्रवाई हुई तो कुछ ठीक हुआ था।
कमल सहगल, बड़ाबाजार
ऑटो में बैठने से पहले ही दस रुपये किराया बता देते हैं। कुछ कहो तो अभद्रता करते हैं। समस्या तो है ही। अफसर कार्रवाई करें तो इन पर लगाम लगे। मनमानी चरम पर है।
दीपक, बड़ाबाजार