गरौठा/गुरसरांय (झांसी)। सूखे से निपटने के लिए बुंदेलखंड के सात जिलों के लिए 3500 करोड़ रुपये की धनराशि मिलने के बाद भी सूखे व ओलावृष्टि की मार से त्रस्त किसान पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि कहां गई इसका हिसाब प्रदेश सरकार से मांगा जाएगा। यह बात कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रीता बहुगुण जोशी ने जिले की गरौठा तहसील में सूखे की हकीकत जानने के बाद कही।
सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के किसानों का हाल जानने निकलीं प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने क्षेत्र के ग्राम गढवई, ककरबई, कुरैठा समेत दर्जन भर ग्रामों का भ्रमण कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने क्षेत्र मेें सिंचाई के साधनों व बांधों की भी जानकारी ली।
बारिश के अभाव में 15 फीसदी खेतों में बुआई हुई है, जबकि 85 प्रतिशत खेत पानी के अभाव में बंजर हालत मेें पडे़ हुए हैं। उन्होंने ओलावृष्टि की धनराशि की भी जानकारी पार्टी कार्यकर्ताओं से ली। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यह किसानों का देश है फिर भी यहां का कृषक ओलावृष्टि एवं सूखे की मार जैसी आपदाओं से जूझ रहा है।
उन्होंने लोगों से मनरेगा के तहत मिलने वाले कार्यों की जानकारी लेते हुुए चिंता जाहिर की। उन्होंने भरोसा दिया है कि 15 फरवरी से चलने वाले विधानसभा में झांसी जिले की गरौठा तहसील के किसानों के हालातों का मुद्दा उठाएंगीं।
बुंदेलखंड का किसान सूखे के चलते आलू रोटी भी नही खा पा रहा है। उन्होंने प्रदेश की अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की राहत राशि खातों में नही आ रही है। पेंशन से लेकर अन्य मदों का भुगतान प्रदेश की सरकार नहीं कर पा रही है, जिससे बुंदेलखंड का किसान आत्महत्या करने को मजबूर है।
उन्होंने कांग्रेस शासन में शुरू की गई मनरेगा योजना के बारे में कहा कि मनरेगा से गांव में ही लोगों को रोजगार मिल रहा था, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार मनरेगा में जारी धनराशि नहीं दे रही है, जिससे क्षेत्र के किसान पलायन करने को मजबूर हैं।
कांग्रेस में प्रियंका गांधी को आगे लाए जाने की मुहिम पर विराम लगने के सवाल पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी के बिना भी कांग्रेस देश का नेतृत्व करने में सक्षम है।
कांग्रेस किसी एक व्यक्ति के नाम से नही बल्कि कार्यकर्ताओं की दम पर चल रही है, जो भी निर्णय होगा उसे प्रत्येक कार्यकर्ता मानेगा।