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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बरुआसागर क्षेत्र में बगैर आगणन (एस्टीमेट) विद्युत लाइन शिफ्टिंग का मामला उजागर होने के बाद अफसर हैरान हैं। एक करोड़ से अधिक की हेराफेरी से विभाग को आर्थिक क्षति तो पहुंची ही, साथ ही यहां शिफ्टिंग कार्य में उपयोग हुआ मैटेरियल कहां से आया, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल विभागीय अफसरों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। जांच में कई विभागीय अफसर कठघरे में हैं।
बरुआसागर क्षेत्र मेें 12 से अधिक विद्युत लाइन अवैध तरीके से शिफ्ट की गईं। किसी के छत तो किसी के प्लाट के ऊपर मौजूद लाइन को घुमाकर दूसरी जगह से निकाला गया। व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए खंभों को इधर से उधर किया गया। यही नहीं, कई ट्रांसफॉर्मर भी बिजली चोरी की मंशा से ऐसे स्थान पर रखवाए गए, जहां से विभाग को राजस्व न के बराबर मिलता है। प्रथम दृष्टया इस खेल में अभी स्थानीय जेई और लाइनमैनों पर आरोप लगे हैं। मामला उजागर होने के बाद आलाधिकारी यह पता लगाने में जुटे हुए हैं कि बिना आगणन के विभागीय कर्मचारियों ने जिन विद्युत लाइनों को शिफ्ट किया, खंभे इधर से उधर किए और ट्रांसफार्मर लगवाए, यह सभी सामान कहां से लाए गए। यह विभागीय है या कहीं चोरी का मैटेरियल तो नहीं है। अब कई और अफसर भी जांच के कठघरे में हैं।
लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया
किसी भी उपभोक्ता को लाइन या खंभा अन्यत्र कराना है तो इसके लिए वह विभाग में आवेदन देगा। जेई सर्वे करेगा और उसके बाद इसका एस्टीमेट तैयार कर प्रस्तुत करेगा। एस्टीमेट का पैसा संबंधित उपभोक्ता से जमा कराने के बाद विभाग टेंडर प्रक्रिया अथवा वर्कऑडर को ठेकेदार के माध्यम से कराता है। कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री को ठेकेदार विभागीय स्टोर से दस्तावेज को प्रस्तुत कर प्राप्त करता है। इसके बाद यह कार्य किया जाता है।
विभागीय स्टोर के अफसर और कर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल
किसी भी कार्य को कराने के लिए मैटेरियल विद्युत विभाग के स्टोर से निर्गत किया जाता है लेकिन बरुआसागर में कई लाइनें और खंभों की शिफ्टिंग में सामग्री कहां से प्राप्त हुई, यह स्पष्ट नहीं है। कई ट्रांसफॉर्मरों में भी हेरफेर करने की शिकायत है। अब ऐसे में स्टोर में बैठे अधिकारी-कर्मचारी भी जांच के घेरे में हैं।
बरुआसागर क्षेत्र में हुई गड़बड़ी की जांच जारी है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जो भी आरोपी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच पूर्ण कर जल्द से जल्द रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। - ऐनुल होदा, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल ग्रामीण, झांंसी