झांसी। दरअसल पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल कुमार का तबादला आदेश आने के साथ ही उन पर आरोप गूंजने लगे थे। शासन से लेकर प्रशासन तक शिकायतें हुईं। कहा गया कि वह बैकडेट में कुछ फाइलों को निपटा रहे हैं। कोई बड़ा खेल किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर खरीद के आदेश जारी हो रहे हैं। हल्ला मचा तो प्रशासनिक अफसर को सीएमओ आवास भेज दिया गया। मीडिया में यह मामला खूब गूंजा। सोशल मीडिया पर भी तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। तब स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आदेश को एक लंबा समय बीत गया। मगर न तो शासन स्तर से कोई आदेश पूर्व सीएमओ के खिलाफ जांच के लिए आया है और न ही स्थानीय स्तर पर किसी अफसर को कुछ जानकारी है। बस सभी को इतना पता है कि तीन जुलाई को मंत्री जी के ऑफिशियल अकाउंट पर पोस्ट जारी हुई थी। यह पोस्ट झांसी में भी सैकड़ों लोगों के मोबाइल में है। लेकिन किसी अधिकारी के पास इस संबंध में कुछ नहीं आया है।
क्या था मामला अब यह जान लीजिए
तबादले का आदेश आने के बाद एक जुलाई को पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार द्वारा अपने आवास पर फाइलें निपटाने की सूचना मिलने पर जिले के बड़े अफसर ने प्रशासनिक अधिकारी का वहां पर भेजा था। लगभग छह घंटे तक प्रशासनिक अधिकारी सीएमओ आवास पर ही रहे। वहां से सभी फाइलों को सील करके सीएमओ कार्यालय के ठीक बगल में बने कमरे में रखवा दिया गया। इसके बाद उस कमरे को भी ताला लगातार सील कर दिया गया। अखबारों में छपी इन खबरों का संज्ञान लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने जांच के आदेश दे दिए। मंत्री की ये पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। विभाग में भी इससे हड़कंप मच गया। मगर एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी शासन से जांच के लिए कोई भी पत्र एडी हेल्थ के पास नहीं पहुंचा है। बड़ा सवाल ये उठता है कि जब सीधे मंत्री जांच के आदेश कर रहे हैं तो भी सरकारी तंत्र इस कदर की लापरवाही बरत रहा है।
पहले आप यह जान लीजिए कि स्वास्थ्य मंत्री ने अपने सोशल मीडिया के ऑफिशियल अकाउंट पर क्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि झांसी में स्थानांतरित सीएमओ द्वारा बैकडेट में फाइलों के निस्तारण संबंधी खबर का संज्ञान लेते हुए मैंने महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को उक्त प्रकरण के संबंध में अपर निदेशक से जांच आख्या सहित कार्यवाही का प्रस्ताव दो सप्ताह में उपलब्ध कराए जाने के आदेश हैं।
अखबारों में छपी खबरों से ही पूर्व सीएमओ के खिलाफ जांच शुरू होने की जानकारी मिली थी। मगर अब तक मेरे पास कोई पत्र नहीं आया है। यदि पत्र आता है तो जल्द जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी। - डॉ. अल्पना बरतारिया, एडी हेल्थ, झांसी।