अमर उजाला कार्यालय में आए एहसान कुरैशी।
हास्य कलाकार एहसान कुरैशी ने नए नागरिकता कानून का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सभी को इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करना चाहिए। वह देश के कोने-कोने में अपने शो करना चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान में शो करने का उनका कोई इरादा नहीं है।
एहसान कुरैशी ने बताया कि अभी तक उनको पाकिस्तान से छह बार कार्यक्रम के लिए बुलावा आ चुका है, लेकिन हर बार उन्होंने इंकार कर दिया। नए नागरिकता कानून का उन्होंने खुलकर समर्थन किया।
कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहमति से यह कानून बना है। इसलिए सभी को सरकार का समर्थन करना चाहिए। हास्य कार्यक्रमाें में अश्लीलता उन्हें पसंद नहीं है। संस्कारों की रक्षा जरूरी है।
अब तक वह हिंदी फिल्म बांबे-टू-गोवा, हरियाणवी फिल्म एक पहेली लीला, भोजपुरी फिल्म हनुमान भक्त हवलदार में भी भूमिका निभा चुके हैं। दो टीवी सीरियलों में काम कर चुके हैं। एक कार्यक्रम के सिलसिले में शहर आए कुरैशी अमर उजाला के दफ्तर आए थे।
सिवनी में हुआ जन्म
एहसान कुरैशी का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुआ। पिता एक नामी पहलवान थे। उनकी चाय की दुकान बस स्टेशन पर थी। पिता दो बहनों की शादी करने के बाद दुनिया से चल बसे। शेष भाई-बहन की परवरिश बड़ी दीदी शाहीदा बेगम और जीजा मोहम्मद याकूब ने की। पढ़ने के दौरान उनको हंसाने का शौक पैदा हुआ। देखते ही देखते अब उनका नाम दुनिया में हो चुका है।