झांसी। दिवाली पर भी तीन माह का मानदेय न मिलने से नाराज मेडिकल कॉलेज में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार सुबह झांसी-कानपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। उन्होंने मेडिकल कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। बाद में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अफसरों के आश्वासन पर वे मान गए। एक माह का मानदेय जारी कर दिया गया। जाम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोरोना के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को रखा गया है। उनको पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिल रहा है। इसके चलते उनमें रोष है। बृहस्पतिवार सुबह एकत्रित हुए कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर झांसी-कानपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट सलिल कुमार पटेल, सीओ सिटी राजेश सिंह, नवाबाद प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से वार्ता की। लेकिन, बात नहीं बन सकी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की। मानदेय दिलाए जाने का आश्वासन मिलने पर कर्मचारी मान गए। दोपहर में एक महीने का मानदेय जारी होने के बाद सभी का गुस्सा शांत हुआ।
समाजवादी पार्टी लड़ेगी लड़ाई
झांसी। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य को ज्ञापन दिया। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को जल्द वेतन दिलाने, चिकित्सा का प्रमाण पत्र देने आदि मांगे उठाई गईं। सपा नेता शकील खान ने कहा कि कोविड-19 के दौरान जान जोखिम में डालकर इलाज किया। ऐसे में इनकी समस्या जल्द दूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो प्रदेश स्तर पर पार्टी लड़ाई लड़ेगी। इस मौके पर अमित बंटी खटीक, पूर्व सभासद अमित कुशवाहा, जिला सचिव हेमंत श्रीवास, पंकज मालवीय, सौरभ वर्मा, भानु प्रताप वर्मा मौजूद रहे।
कोविड के मद्देनजर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कुछ अतिरिक्त कर्मचारियों को रखा गया था। इनका मानदेय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आना था। बजट जारी न हो पाने के कारण मानदेय रुका हुआ था। बृहस्पतिवार को एक महीने का मानदेय जारी कर दिया गया है। बकाया दो माह का मानदेय दस दिन में जारी होगा।
डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस
निकलने को लेकर कई बार हुई नोकझोंक
जाम लगने से बसों से लेकर अन्य वाहन एक घंटे फंसे रहे। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाइक सवार लोगों को भी कर्मचारियों ने निकलने नहीं दिया। इसे लेकर कई बार नोकझोंक भी हुई। जाम खुलवाने के लिए पुलिस को भी जूझना पड़ा।
- मैं जरूरी काम से चिरगांव जाने को निकला हूं, लेकिन जाम के चलते एक घंट से फंसा हूं। ऐसे जाम लगाना सरासर गलत है।
राजा परमार, शिवाजी नगर
- मुझे इंजीनियरिंग कॉलेज जाना है। जाम में फंसा हूं। बाइक सवार लोगों को भी निकलने नहीं दिया जा रहा है।
नितिन गुप्ता, ओरछा गेट
मुझे जरूरी काम से चिरगांव की तरफ जाना है, लेकिन जाम ने परेशान कर रखा है। जाम न खुलने की वजह से परेशानी भी हो रही है।
आशीष, सीपरी बाजार
मुझे बहुत जरूरी काम से चिरगांव जाना है, लेकिन जाम लगने के कारण फंसा हुआ हूं। ऐसे जाम मुख्य मार्गों पर नहीं लगने चाहिए।
राजेश तिवारी, दतिया गेट बाहर