झांसी। सुबह चटक धूप के बाद शाम लगभग तीन बजे इस कदर बादल छाए, लगा कि अब तो ये झमाझम बरस कर ही जाएंगे। तभी तेज हवाओं ने बादलों को चलता करना शुरू कर दिया। हां, कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई। ठंडी हवाओं ने झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे शहरियों को राहत जरूर दी। छुट्टी का दिन था, तो लोग आउटिंग पर निकल पड़े।
शहर में सुबह से चटक धूप खिली रही, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा। शरीर पसीने से तरबतर रहे। हालांकि, दोपहर में हल्के बादल छाए, लेकिन उमस कम नहीं हुई। दोपहर तीन बजे करीब आसमान में काले बादल छा गए और तेज ठंडी हवाएं बहने लगीं।
मौसम के इस मिजाज से लोगों को लगा कि अब तेज बारिश होगी, लेकिन बादल बेरुखी दिखा गए। हालांकि, कहीं - कहीं जरूर बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान गिर गया। मौसम सुहावना हो उठा। रविवार की छुट्टी और मौसम के खूबसूरत तालमेल का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया और निकल पड़े आउटिंग को। शाम को शहर के पार्क लोगों की भीड़ से गुलजार नजर आए। इसके अलावा चाट - पकौड़ी की दुकानें भी खूब चलीं। देर रात तक मौसम खुशगवार रहा।
साफ मौसम में करें दवा का छिड़काव
झांसी। कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि बारिश की वजह से फसलों में कीट समस्या आ रही है। इससे निपटने के लिए किसान मौसम साफ होने पर दवा का छिड़काव करें। उर्द, मूंग व मूंगफली में पीला चित्रवर्ण सफेद मक्खी से फैल रहा है। इससे प्रभावित पौधों को निकाल दें। मोनोक्रोफॉस दवा की डेढ़ लीटर मात्रा प्रति हेक्टेअर में छिड़काव करें। इसके अलावा मूंगफली, तिल व सोयाबीन की फसल में 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेअर की मात्रा में गंधक का प्रयोग करें।