पीड़ित यात्री इस नंबर पर फोटो, ऑडियो व वीडियो भेजकर मदद ले सकते हैं।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक (रेलवे) सत्येंद्र कुमार और सीओ (रेलवे) शरद प्रताप सिंह ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि फोटो, ऑडियो और वीडियो बनाने से आरोपी की शिनाख्त आसानी से हो सकेगी। इससे यात्रियों की समस्याओं का त्वरित गति से निस्तारण हो सकेगा, जिससे जीआरपी की छवि में सुधार के साथ- साथ यात्री- पुलिस के सीधे संवाद के माध्यम से मित्र एवं मददगार छवि सामने आएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि व्हाट्सऐप नंबर अनुभाग के रेलवे स्टेशनों पर ऐसे स्थानों पर डिस्प्ले किया जाएगा, जहां से यात्रियों को आसानी से दिखाई दे। झांसी स्टेशन के लिए 10 फ्लेक्सी तथा भीमसेन, उरई, मोंठ, ललितपुर, मऊरानीपुर, महोबा, बांदा, मानिकपुर स्टेशनों के लिए पांच-पांच फ्लैक्सी बोर्ड बनवाए गए हैं। झांसी में बनाए गए कंट्रोल रूम में हर समय एक इंस्पेक्टर की एक तैनाती रहेगी, ताकि हर सूचना पर गंभीरता से कार्रवाई हो सके।
80 ट्रेनों में एलॉट हुई बर्थ
जीआरपी यहां से गुजरने वाली 93 ट्रेनों में स्क्वॉटिंग करती हैं। इनमें अधिकांश ट्रेनें रात में गुजरने वाली हैं। रेल प्रशासन ने इनमें 80 ट्रेनों में जीआरपी को एस-वन कोच की बर्थ नंबर-63 एलॉट कर दी है। अगर, यात्रियों को ट्रेन में स्वॉटिंग जवान न मिले तो वह उक्त बर्थ पर पहुंचकर उनसे संपर्क कर सकते हैं।
100 नंबर के लिए बना कंट्रोल रूम
मुख्यमंत्री जल्द ही प्रदेश में 100 नंबर की घोषणा करने वाले हैं। यह नंबर पूरे प्रदेश में एक साथ काम करेगा। जीपीएस सिस्टम से जुड़े इस नंबर को डायल करने पर पीड़ित की लोकेशन तुरंत मिल जाएगी। लोकेशन प्वाइंट के पास जो भी पुलिस के जवान होंगे, वह तुरंत मदद के लिए पहुंच जाएंगे। इस व्यवस्था के लिए एसपी (रेलवे) कार्यालय में कंट्रोल रूम बना लिया गया है।