झांसी। लोगों को ठंड से राहत दिलाने के लिए जलाए जा रहे अलाव की आग में भ्रष्टाचार की रोटी सेंकी जा रही है। दस्तावेजों की मानें तो नगर निगम 29 प्वाइंट पर अलाव जला रहा है, लेकिन उसके पास सभी प्वाइंट की सही लोकेशन नहीं है। यही नहीं अलाव की निगरानी के लिए कमेटी बनाने के निर्देश के बाद भी उसे अमली जामा नहीं पहनाया गया है।
ठंड की आहट पर नगर निगम ने अलाव जलाने के लिए टेंडर निकाला था। ठेका देते समय छह स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए गए थे, साथ ही ठंड बढ़ने के साथ-साथ अलाव के स्थान बढ़ाने की बात भी कही गई थी। धीरे-धीरे अलावों की संख्या 29 हो गई। कागजों में तो नियमित 29 प्वाइंट पर अलाव जल रहा है। लेकिन, धरातल पर यह संख्या आधी भी नहीं है।
अलाव जलाने में घालमेल होने की आशंका के मद्देनजर पार्षद राजबिहारी राय ने महापौर को पत्र देकर अलावों पर नजर रखने के लिए निगरानी कमेटी गठित करने की मांग की थी। पार्षद की मांग पर महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर निगरानी कमेटी गठित करने को कहा था। लेकिन, अब तक निगरानी कमेटी गठित नहीं हो सकी। स्थिति यह है कि नगर निगम के किसी भी जिम्मेदार के पास यह जानकारी नहीं है कि किन-किन प्वाइंट पर अलाव जल रहे हैं।
कई पार्षद नगर निगम में अलाव न जलने की शिकायत कर चुके हैं, जिस पर अभी तक कोई जांच नहीं हुई है।
महापौर किरन राजू बुकसेलर ने बताया कि पार्षद के प्रार्थनापत्र पर 17 दिसंबर 2015 को नगर आयुक्त को पत्र भेजकर निगरानी कमेटी बनाने के लिए कहा गया था। कमेटी बनाने की कोई जानकारी उनके द्वारा मुझे नहीं दी गई है। अलाव जलाने में हो रही गड़बड़ी की जांच कराई जाएगी।