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आखिर ये सब हो क्या रहा है अपनी झांसी में

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छेड़छाड़ - फोटो : ????????
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पुनीत शर्मा
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झांसी। आखिर यह सब हो क्या रहा है अपनी झांसी में। छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं से दहशत फैल रही है। गार्जियन बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्कूल-कॉलेज या कोचिंग गई बिटिया को लौटने में जरा सी देर हो जाए तो बेचैनी बढ़ जाती है। लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर तमाम दावे करने वाला सिस्टम फिर भी खामोश है। झांसी वाले पूछ रहे हैं कि आखिर महिलाओं को सुरक्षित माहौल कब दे पाएगा प्रशासन। वह दिन कब आएगा जब बेटियां बेखौफ होकर अपने घर से निकल सकेंगी। कब तक शोहदों के डर से बेटियां रास्ता बदलकर निकलती रहेंगी।
जिले में 66 नाबालिगों के साथ हुई छेड़छाड़
झांसी। पुलिस रिकार्ड की ही अगर बात करें तो जनवरी से सितंबर तक 66 नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हुईं हैं। यह मामले तो वह हैं जो पुलिस तक पहुंच गए, जबकि एक बड़ी संख्या ऐसी घटनाओं की है जो पुलिस तक आए ही नहीं। कहीं समझौता हो गया तो कहीं परिवार वालों ने ही लोकलाज का हवाला देकर बेटी को ही खामोश कर दिया। इससे भी शोहदों के हौसले बढ़ते जाते हैं और वह आगे भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देने लगते हैं। ग्रामीण इलाकों में कई जगह से इस प्रकार की भी सूचनाएं आईं कि शोहदों के डर के कारण लड़कियों ने स्कूल या कोचिंग सेंटर जाना बंद कर दिया। या फिर उन्हें छोड़ने के लिए मां-बाप या भाई जा रहे हैं। लंबी चौड़ी पुलिस फोर्स होने के बाद भी हम बेटियों को सुरक्षित माहौल नहीं दिला पा रहे हैं।
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पॉलिटेक्निक में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म से फैली थी दहशत
झांसी। ग्यारह अक्तूबर को पॉलिटेक्निक में एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। छात्रा अपने साथी के साथ कोचिंग से लौट रही थी। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने उसके साथी को पीटा और छात्रा को खींचकर हॉस्टल में ले गए और दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने 8 छात्रों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। इस वारदात के बाद शहर में दहशत फैली थी। यह घटना पुलिस चौकी के बगल में हुई थी। इससे साफ है कि पुलिस का भी कोई खौफ रह नहीं गया है। इस घटना के बाद पॉलिटेक्निक के आसपास खड़ी झाड़ियों को कटवाया जाने लगा था लेकिन कुछ दिन की कसरत के बाद फिर वही स्थिति है। पॉलिटेक्निक के आसपास कहीं पुलिस नजर नहीं आती। जबकि उस समय कहा गया था कि पुलिस पिकेट लगा दी गई है।
चार साल के भीतर मिले 45 युवतियों के शव
झांसी। जनपद में पिछले चार साल के भीतर 45 युवतियों के शव मिल चुके हैं। सभी की हत्या की गई थी। लेकिन यह कौन थीं, कहां की रहने वाली थीं किसी को जानकारी नहीं है। पुलिस भी अभी तक इन शवों की शिनाख्त नहीं करा पाई है। अब तो पुलिस ने भी इनके परिवार वालों की तलाश बंद कर दी है। इनमें कई की मौत जहर से हुई थी। पुलिस ने माना कि जहर खाकर खुदकुशी की है। नहरों में भी शव मिले थे। इन्हें भी पुलिस ने सुसाइड माना था। लेकिन जिस तरह से महिलाओं के शव लगातार झांसी में मिल रहे हैं वह संख्या जरूर डराने वाली है। कुछ शवों की पहचान न हो सके इसके लिए चेहरे को बुरी तरह से बिगाड़ दिया गया था। चेहरे पर तेजाब तक मिला था।
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साढ़े चार साल में 109 बेटियां लापता
झांसी। साढ़े चार साल के भीतर झांसी जिले से 109 बेटियां लापता हो गईं हैं। कई में अपहरण के मुकदमे भी दर्ज हैं। लेकिन पुलिस इनकी भी तलाश नहीं कर पाई है। यह कहां हैं और किस हाल में इनके परिवार वाले भी नहीं जानते। मौजूदा समय में इनकी खोज हो रही है या नहीं यह तो पुलिस जाने लेकिन परिवार वाले आज भी इन्हें ढूंढने के लिए एक शहर से दूसरे शहर की खाक छान रहे हैं। जहां से भी थोड़ी बहुत सूचना मिल जाती है वहां पहुंच जाते हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी की तलाश की जा रही है। आसपास के जिलों को भी सूचना दे दी गई है। कई लड़कियों की जानकारी हो भी गई थी। वह अपने परिवार वालों के पास लौट आईं थीं।
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