25 से बजेंगे बैंड-बाजे और गूंजेगी शहनाईयां
सब हेड - सर्दियों में है सिर्फ 15 विवाह लग्न की तिथियां
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। चातुर्मास के कारण थमे पडे़ वैवाहिक कार्य 25 नवंबर से शुरू हो जाएंगे। इस दिन कार्तिक शुक्ल एकादशी पर भगवान विष्णु नींद से जाग जाएंगे और मांगलिक कार्यों से रोक हट जाएगी। विवाह के मांगलिक गीतों का गायन और शहनाइयां गूंजने लगेगी। हालांकि सर्दियों में वैवाहिक लग्न की तिथियां बेहद गिने चुनी होगी।
देवशयनी एकादशी पर धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु क्षीर सागर में निंद्रा के लिए चले जाते है। इसके साथ ही चार्तुमास शुरू हो जाता है। वर्षा के इस काल में शादी विवाह कार्य थमे रहते है। धर्माचार्य महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार अब विवाह कार्य 25 नवंबर से फिर से शुरू होंगे। इस बार सर्दियों में नवंबर में छह और दिसंबर में नौ विवाह लग्न तिथियां है। जनवरी, फरवरी और मार्च में विवाह लग्न नहीं है। इस दौरान सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे और शुक्र अस्त रहेगा। नव संवत्सर 2078 का नया पंचांग 13 अप्रैल 2021 से प्रारंभ होगा।
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विवाह लग्न की तारीखों पर यह रहेंगे नक्षत्र
25 नवंबर को उत्तरा भाद्र पद नक्षत्र रहेगा। 26 को रेवती, 27 को अश्विनी, 28 को भरणी, 29 को कृतिका, 30 को रोहिणी नक्षत्र रहेगा। दिसंबर में एक को मृगशिरा, छह को अश्लेखा, सात को मघा, आठ को पूर्वा फाल्गुनी, नौ को उत्तरा फाल्गुनी, दस को चित्रा, 11 को चित्रा, 13 को अनुराधा और 15 को मूल नक्षत्र रहेगा। धर्माचार्य के अनुसार मूल नक्षत्र विवाह के लिए ठीक रहता है।
विवाह के लिए ये हैं शुभ माह
धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार विवाह के लिए शुभ माह में माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ और मार्गशीर्ष है। मान्यता है कि इन महीनों में विवाह करने से दांपत्य जीवन पूरी तरह से सुखी रहता है।