झांसी। फायरिंग टेस्ट में फेल 270 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की एसएसपी ने जिलाधिकारी से संस्तुति कर दी है। वहीं, शनिवार शाम के बाद डेढ़ सैकड़ा से ज्यादा फाइलों पर निरस्तीकरण की संस्तुति की जा सकती है।
तेजी से बढ़ती लाइसेंसी असलाह की संख्या को देखते हुए विगत दिनों सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बिना फायरिंग टेस्ट के लाइसेंस जारी नहीं किया जाए। जिसके चलते जिला पुलिस मार्च से शस्त्र नवीनीकरण, विरासतन और नये आवेदकों का टेस्ट ले रही है। जानकार बताते हैं कि 21 मार्च से अभी तक पुलिस 16 बार फायरिंग टेस्ट ले चुकी है, जिसमें करीब 270 लोग फेल हो चुके हैं।
इनकी फाइलों को एसएसपी ने निरस्तीकरण की संस्तुति कर जिलाधिकारी के पास भेज दी हैं। वहीं, 230 लोग तमाम बार सूचना देने के बावजूद टेस्ट देने के लिए नहीं आ रहे हैं, जिसके चलते एसएसपी ने 13 सितंबर अंतिम फायरिंग की तारीख तय कर दी है। उन्होंने कहा है कि यदि 12 सितंबर तक पुलिस लाइन में टेस्ट के लिए अपना नाम दर्ज नहीं कराने वालों की फाइलें बंद कर दी जाएं। अगले ही दिन इन फाइलों को निरस्त करने की संस्तुति करके जिलाधिकारी के पास भेज दी जाएगी।
कुछ रसूखदारों का दोबारा हुआ टेस्ट
आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि फायरिंग टेस्ट में फेल होने वाले कुछ रसूखदार लोगों ने निरस्तीकरण की तलवार लटकती देख पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई। अनुरोध के बाद उन्हें फायरिंग टेस्ट देने का एक अंतिम मौका दिया गया, जिसमें वे सफल हो गए। वहीं चर्चा तो यह है कि सेटिंग के चलते फेल को पास किया गया है।