महानगर की कई टंकियों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। यहां आसपास रहने वाले प्रभावशाली लोगों ने या तो तबेला बना रखा है या ऑपरेटर की मिलीभगत से पार्किंग चल रही है। जलसंस्थान की अनदेखी से टंकियों का परिसर बदहाल होता जा रहा है।
महानगर में खंडेराव गेट तहसील के सामने व पुलिया नंबर नौ में दो-दो, नरसिंह राव टौरिया, तालपुरा, खुशीपुरा, सागर गेट, सिविल लाइन जल निगम कॉलोनी, दरीगरान पंचवटी, खातीबाबा, आयुर्वेद मिशन कंपाउंड, सीपरी बाजार और प्रेमनगर में एक-एक पानी की टंकी बनी है। इन पानी की टंकियों से शहर की आधी से अधिक आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है। जलसंस्थान की अनदेखी के कारण ज्यादातर टंकियां बदहाल होती जा रही है, आसपास रहने वाले लोगोें ने टंकी के नीचे और परिसर में अतिक्रमण कर रखा है। जैसे कि नरसिंह राव टौरिया और तालपुरा टंकी के नीचे आसपास के प्रभावशाली लोगों ने सालों से अपने जानवर बांध रखे हैं। चारों तरफ गोबर पानी फैला रहता है। गंदगी से खड़ा होना तक मुश्किल होता है। इससे टंकी की नींव तक कमजोर हो रही है। टंकी कम तबेला ज्यादा नजर आता है। इसीतरह खंडेराव टंकी को लोगों ने गैराज बना रखा है। कार और ऑटो खड़े हो रहे हैं। यहां रात में पार्टियों के दौर चलते हैं, जिसके शोरगुल से आसपास रहने वाले लोग परेशान होते हैं। इस तरह एक- एक कर सभी टंकियों पर अतिक्रमण होता जा रहा है। ऐसा नहीं कि इस बात की खबर जलसंस्थान के जेई या अधिकारियों को नहीं है। लेकिन सब शांत रहते हैं।
कई टंकियों पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इस बात की मुझे जानकारी है। होली बाद अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। अतिक्रमण नहीं हटा तो पंप ऑपरेटर का वेतन रोक दिया जाएगा। साफ-सफाई का भी खर्च वसूला जाएगा। साथ ही अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।