झांसी। सीपरी क्षेत्र के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति का बुरा हाल है। मसीहा गंज के डिक्रू ज कंपाउंड, डग्स कंपाउंड, सुनार का हाता, काशीपुरा, साहनी कॉलोनी आदि में नलों से पानी दस से 20 मिनट ही आता है। जो आता है, वह भी बेहद गंदा रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पाइप लाइन बिछी है। लेकिन नलों से पानी की सप्लाई का कोई निर्धारित समय नहीं है। कई ऐसे घर हैं, जिनमें कई वर्षों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। जबकि उन्हें भारी बिल लगातार देना पड़ रहा है।
हमारे मुहल्ले में पाइप लाइन पड़ी है। उसमें सिर्फ दस मिनट ही पानी आता है, जो आता है वह बेहद गंदा रहता है। पीने लायक बिल्कुल नहीं होता।
कमला देवी डिक्रूज कंपाउंड
मसीहागंज की काशीपुरा, डिक्रूज कंपाउंड, साहनी कॉलोनी सहित कई इलाकों में पानी की बेहद गंभीर समस्या बनी हुई है। कोई सुनवाई नहीं है।
आर सी शुक्ला, मसीहागंज
मसीहागंज में हम लोगों को कई सालों से नलों से पानी नहीं मिला है। हैंडपंपों के सहारे रहना पड़ता है। गर्मियों में टैंकर सहारे बनते हैं।
एसके सहगल, डिक्रूज कंपाउंड
सैकड़ों बार शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। सर्दियों में जब यह हाल है, तब गर्मियों को लेकर अभी से बेहद चिंता होने लगी है।
गणेश प्रसाद मिश्रा, डिक्रूज कंपाउंड
नल क ा बिल बराबर आ रहा है। इस माह भी आठ सौ रुपये का बिल आया है। लेकिन पानी बेहद कम मिल रहा है।
प्रदीप मिश्रा, मसीहा गंज
हमारे कंपाउंड में तीन साल पहले नलों से पानी आता था। जो अब नहीं आता है। इस समस्या को हल के लिए कोई ठोस समाधान होना चाहिए।
साक्षी, निवासी डग्स कंपाउंड
साहनी बिहार में नलों से जो पानी की सप्लाई होती है, वह पीने लायक नहीं रहता है। मुहल्ले वालों ने शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
ज्योति शर्मा, साहनी विहार
पिछले छह साल से घर के नल में पानी नहीं आया है। लेकिन बिल आ रहा है। चार दिन पहले ही हमने नौ हजार रुपये का बिल भरा है।
रेखा शर्मा, डिक्रूज कंपाउंड
हमारे क्षेत्र में रात तीन बजे पानी की सप्लाई होती है। अगर पानी नहीं भर पाए, तो पूरे दिन पानी को लेकर समस्या रहती है।
अनामिका, निवासी सुनार का हाता
हमारी गली में जो पानी आता है, वह बेहद गंदा रहता है। इसके साथ ही पानी सप्लाई को कोई टाइम टेबिल भी नहीं है।
अनिका, निवासी मसीहागंज
जिस इलाके में पानी नहीं आ रहा है, वहां के लोग कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं। जहां बिल आ रहे हैं और पानी नहीं आ रहा है, वहां जांच कर बिल निरस्त कर दिया जाएगा। कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान