झांसी। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में शनिवार को राजकीय संग्रहालय व पैरा मेडिकल कॉलेज में जल संरक्षण व आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला हुई, जिसमें किसानों को खेत का पानी खेत में और खेत की मिट्टी खेत में के सिद्धांत पर काम करने की सीख दी गई। उन्हें बताया गया कि पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई विरासत को पुनर्जीवन देने से ही आने वाले संकट से निपटा जा सकता है।
कार्यशाला में शांति कुंज हरिद्वार से आए विषय विशेषज्ञ योगेंद्र गिरि ने कहा कि हमारे पूर्वज जल संरक्षण व संरचना के लिए तालाब व बावड़ी छोड़कर गए हैं, लेकिन हमने उनको कूड़ा करकट से भर दिया है। हमें उनको पुनर्जीवित करना होगा। हम नदियों को पूजते हैं पर उनके संरक्षण पर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। सबसे पहले हमें नदियों व तालाबों को संरक्षित करने का प्रयास करना होगा। नलकूप संस्कृति का बढ़ता प्रभाव व भूजल पर निर्भरता का अधिक होना, इस समस्या का मूल कारण है। हमें प्राचीन जल संवर्धन परंपराओं को पुनर्जीवित करना होगा। उन्होंने पावर प्रोजेक्टर के माध्यम से छतीय वर्षा जल संरक्षण व सतही बहाव जल संरक्षण की विभिन्न पद्धतियों को विस्तार से समझाया।
इधर, पैरा मेडिकल कॉलेज में आपदा प्रबंधन पर आयोजित कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ राकेश जायसवाल ने कहा कि आपदा दो तरह की होती है। एक स्थायी और दूसरी अस्थायी। जनसंख्या विस्फोट, स्वास्थ्य संकट, पर्यावरण प्रदूषण, बढ़ता जल संकट, व्यसन, रुढ़िवादिता आदि स्थायी आपदाओं का समाधान जन जागरण के माध्यम से संभव है। अस्थायी समाधान आपदा दैवीय प्रकोप का कारण है, जिसका समाधान त्वरित सेवा सहायता से हो जाता है। जल और अन्न हमारे जीवन के आधार हैं। जल है तो कल है। विधायक रवि शर्मा ने कहा कि गायत्री परिवार विश्व कल्याण की भावना से समाज में काम कर रहा है। कार्यशाला का संपूर्ण विचार व योजना समाज में पहुंचाने की जरूरत है। इस अवसर पर विधायक जवाहर लाल राजपूत, पैरा मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. एनएस सेंगर ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में डा. सुनील पांडे, प्रोफेसर योगेश पांचाल, डा. साधना कौशिक, निहाल, अंबर, संस्कार, दिव्यांश, भूपेश कुशवाहा, पीयूष, अशीष, सूर्या, दीप साहू, राजेश मालवीय, अनुज, संजीव खरे, अनुज, कृतिका श्रीवास्तव, एसके गोयल, अनूप मालवीय का सहयोग रहा। आभार वैभव कुमार तिवारी ने व्यक्त किया।
18 को आएंगे संत वीरेश्वर उपाध्याय
झांसी। अखिल भारतीय गायत्री परिवार के विचार क्रांति अभियान व शांति कुंज हरिद्वार के वरिष्ठ प्रतिनिधि प्रखर मनीषी संत वीरेश्वर उपाध्याय 18 जुलाई को झांसी आएंगे। वह सुबह नौ से श्री लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के जिम्नेशियम हॉल में आयोजित मेधावी छात्र- छात्राओं के अभिनंदन समारोह में हिस्सा लेंगे व शाम छह बजे सिद्ध दूरबब्बा हनुमान मंदिर दर्शन एवं कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। 19 जुलाई की दोपहर 12 बजे वह आंतिया तालाब स्थित श्री गायत्री शक्तिपीठ पर पर आयोजित कार्यकर्ता गोष्ठी व शाम चार बजे ओरछा में आयोजित प्रबुद्ध जीवियों, धर्माचार्यों की गोष्ठी में भाग लेंगे। 20 जुलाई की दोपहर तीन बजे वह कलेक्ट्रेट कंपाउंड स्थित शंकर सहाय सभा भवन में अधिवक्ताओं की गोष्ठी में शामिल होंगे। शाम सात बजे अजय इनक्लेव में आयोजित एसएसडी गोष्ठी में उपस्थित रहेंगे।