शिवाजी नगर क्षेत्र स्थित राजपूत कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में भारी जल संकट है। जल स्तर गिरने से यहां लगे हैंडपंपों से पानी निकलना बंद हो गया है। मजबूरी में लोगों को किराए के टैंकर से पानी मंगाना पड़ रहा है। परेशान लोग कई बार जल निगम के अधिकारियों का घेराव व सड़क पर जाम तक लगा चुके हैं। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पिछले 25 साल में राजपूत कॉलोनी में महानगर की पूर्ण विकसित कॉलोनी बन चुकी है। इस क्षेत्र में पांच सौ से अधिक परिवार रहते हैं। सभी परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस क्षेत्र में आज तक पाइपलाइन नहीं डाली जा सकी है। ऐसा कोई घर नहीं, जिसके मालिक ने अपने घर में एक या दो बार बोरिंग न कराई हो। ढाई सौ से तीन सौ फीट तक बोरिंग कराने में पानी की जगह मिट्टी ही निकली। कुछ घरों में थोड़ा बहुत पानी निकला भी, लेकिन गर्मियों में वो भी साथ छोड़ देता है। कॉलोनी के लोग पैसे से पानी खरीदने या एक किलोमीटर दूर अंजनी माता मंदिर के पास लगे सरकारी नल से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र में लगे सभी हैंडपंप भी धोखा दे चुके हैं। टुल्लू पंप भी नहीं खींच पा रहे पानी शहर क्षेत्र में स्थित सराय, हींगन कटरा, झारखड़िया और लोकमान्य तिलक इंटर कॉलेज के आसपास क्षेत्रों में पानी की सप्लाई का बुरा हाल है। यह क्षेत्र नरसिंह राव टौरिया से जुड़े हैं। पिछले तीन दिन से जलापूर्ति का समय सुबह-शाम एक घंटे की जगह आधे घंटे ही रह गया है। साथ ही पानी की रफ्तार इतनी धीमी है कि टुल्लू पंप भी पानी नहीं खींच पा रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।