चिलचिलाती धूप में यात्री परेशान रहे, बारिश में वह भीगे भी और अब सर्दी में ठिठुर रहे हैं, लेकिन बस स्टैंड पर बना यात्री प्रतीक्षालय उन्हें राहत देने की जगह मुंह चिढ़ा रहा है। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से 11 लाख रुपये खर्च कर यह प्रतीक्षालय पांच मई को बनकर तैयार हो गया था। छह महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन हस्तांतरण न होने के कारण प्रतीक्षालय के उद्घाटन का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
बस स्टैंड पर यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के उद्देश्य से सांसद उमा भारती की सांसद निधि से करीब 11 लाख रुपये खर्च करके ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ने फरवरी 2016 में यात्री प्रतीक्षालय व शौचालय का निर्माण शुरू किया था। ठेकेदार ने तेज गति से काम करते हुए पांच मई को इसे बनाकर तैयार कर दिया था। ठेकेदार ने जितनी तत्परता काम में दिखाई, विभागीय अफसरों ने हस्तांतरण में उतना ही आलस दिखाया। हस्तांतरण के लिए प्रतीक्षालय की फाइल पिछले अफसरों और बाबुओं की टेबल पर घूम रही है, लेकिन हस्तांतरण नहीं हो सका।
उद्घाटन के इंतजार में प्रतीक्षालय का हाल बेहाल है। यहां चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हैं। आलम यह है कि वहां एक पल भी खड़ा होना मुश्किल है। बस स्टैंड पर रैन बसेरा है, लेकिन यह अभी खुला नहीं है। शेड हैं, लेकिन उन पर अतिक्रमण है। ऐसे में यात्री मौसम की मार से बचने के लिए यहां वहां जगह तलाशते हैं।
यात्री सुविधा पर रोडवेज भी काटे है कन्नी
बस स्टैंड पर रोडवेज अपनी बसों के ठहरने का शुल्क नगर निगम को देता है, लेकिन उससे यात्रियों के लिए सुविधाएं मुहैया कराने को लेकर गंभीर नहीं है। रोडवेज की लगभग 200 बसों से प्रतिदिन करीब पांच हजार यात्री बस स्टैंड पर आते-जाते है। चाहे गर्मी हो, या बरसात अथवा सर्दी बस स्टैंड पर यात्रियों क ो रैन बसेरा, यात्री शेड और प्रतीक्षालय होने के बाद भी मौसम की मार से बचने के लिए इंच भर जगह नहीं है। रोडवेज के आला अधिकारियों का कहना है कि वह अपने शेड पर यात्रियों को सुविधाएं दिए हुए है। बस स्टैंड के रैन बसेरा और यात्री प्रतीक्षालय को खोलने का काम नगर निगम का है, क्योंकि यह उसकी जमीन पर है। एआरएम राम लवट ने बताया कि प्रतीक्षालय को लेकर वह नगर निगम के अधिकारियों व महापौर से बात करेंगे।
सीडीओ से मंजूरी के बाद होगा हस्तांतरण
बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय के लिए एनओसी व जमीन हमने दी है और सांसद निधि से बना प्रतीक्षालय का हस्तांतरण प्रशासनिक स्तर से होगा। मुख्य विकास अधिकारी से परमीशन के बाद हस्तांतरण किया जाएगा। यात्री सुविधा के मद्देनजर हस्तांतरण प्रक्रिया में रोडवेज को पहल करनी चाहिए।
अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
हस्तांतरण न होने की जांच होगी
यात्री प्रतीक्षालय की गुणवत्ता को जांचा जाएगा, यह प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी। यह भी जांचा जाएगा कि हस्तांतरण प्रक्रिया अब तक क्यों नहीं हो पाई है। कार्यदायी संस्था और हस्तांतरण पाने वाली संस्था ने अब तक क्या कार्य किया है।
नवनीत सिंह चहल, सीडीओ
इस सप्ताह खुल जाएगा प्रतीक्षालय
बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय को इस सप्ताह में ही यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। जितने भी सांसद निधि से हुए है, उनके उद्घाटन के लिए एक माह पूर्व जिलाधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है।
डा. जगदीश सिंह चौहान
सांसद उमा भारती के प्रतिनिधि