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रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार पड़ रहा भारी

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रेलवे स्टेशन के अंदर ट्रेन आने के एक घंटे पहले ही प्रवेश मिलने से दूरदराज से आ रहे मुसाफिर परेशान हो रहे हैं। स्टेशन परिसर में न तो खाने- पीने का इंतजाम है और न बैठने का। दूसरा, यात्री शेड में अधिकांश गरीब तबके के यात्री समूह में बैठे रहते हैं, इससे दूसरे मुसाफिर वहां जाने से बचते हैं। यात्री शेड में जगह- जगह कुत्ते भी बैठे रहते हैं। रेलवे स्टेशन के अंदर ट्रेन आने के पहले ही कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही जाने की अनुमति दी जा रही है। यात्रियों को डेढ़ घंटे पहले बुलाया जाता है, जिसके बाद उनकी थर्मल स्क्रीनिंग होती है। इसके बाद ही उनको अंदर प्रवेश दिया जाता है। वहीं, दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मुसाफिर घंटों पहले ही स्टेशन पर आ जाते हैं। ऐसे मेें उनको रेलवे परिसर में वक्त गुजारना परेशानी बना हुआ है। स्टेशन परिसर में न तो खाने- पीने का इंतजाम है और न बैठने का। दूसरा, यात्री शेड में अधिकांश गरीब तपके के यात्री समूह में बैठे रहते हैं, इससे दूसरे मुसाफिर वहां जाने से बचते हैं। गर्मी व धूप के कारण उनको परिसर में बार- बार जगह बदलकर बैठना पड़ता है।   मुझे नागपुर जाना है। मैं झांसी में ट्रेन बदलने के लिए उतरा हूं। रात में दो बजे झांसी आ गया था। अब शाम को यहां से जाने वाली ट्रेन हैं। ट्रेन के इंतजार में बुरा हाल हो गया है। इंद्रजीत गुप्ता। सुबह चार बजे शिवपुरी से झांसी आया था। मुझे एटा जाना है। शाम को ट्रेन है। रेलवे स्टेशन के आसपास न तो खाने की दुकान है और न ही शीतल जल मिल रहा है। श्रीपाल। मुझे लखनऊ से हैदराबाद जाना है। सुबह साढ़े नौ बजे लखनऊ से झांसी आ गया था। यहां से ट्रेन बदलनी है। कहीं पर भी बैठने का इंतजाम नहीं है। गर्मी से बुरा हाल हो रहा है। संतोष श्रीवास्तव।
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