संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। दिल्ली से झांसी की ओर आ रही मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे रेलमार्ग की तीसरी रेल लाइन भी प्रभावित हो गई। घटना की जानकारी होने पर रेल अधिकारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू कराया। घटना के चलते ट्रैक चार घंटे तक बाधित रहा। वहीं, मरम्मत के बाद ट्रेनों का संचालन न्यूनतम गति से किया गया।
शनिवार की रात 3:30 बजे ग्वालियर से झांसी के लिए निकली लोहे की कॉइल लदी मालगाड़ी सुबह चार बजे आंतरी स्टेशन के पास यार्ड से गुजर रही थी। इसी बीच 4:10 बजे मालगाड़ी के इंजन से जुड़ा पांचवां वैगन पटरी से उतर गया। इससे लूप लाइन समेत तीसरी लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इन दोनों लाइन से यातायात प्रभावित हो गया। यहां ट्रेन के लोको पायलट ने झांसी कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद रेल अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। इसके बाद दोनों लाइन की विद्युत आपूर्ति बंद कराते हुए वैगन को पटरी पर लाने का काम शुरू किया गया। तीसरी लाइन को रेल संचालन के लिए 6:30 बजे दुरुस्त कर लिया गया। वहीं, सुबह 8:15 बजे अन्य रेलवे लाइन दुरुस्त कर ली गई।
10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से निकाली गईं ट्रेनें
मालगाड़ी का वैगन पटरी से उतरने के बाद क्षतिग्रस्त हुए ट्रैक की मरम्मत के बाद यहां से ट्रेनों का संचालन सुरक्षित गति से किया गया। यहां से पहली ट्रेन के रूप में दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन छत्तीसगढ़ संपर्कक्रांति को 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से निकाला गया। इसके बाद, अन्य ट्रेनाें को भी 20 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से रवाना किया गया।
घटना की होगी जांच
यार्ड में जाते हुए पटरी से उतरे मालगाड़ी के वैगन के मामले में रेल प्रशासन ने जांच बैठाई है। मंडल के संरक्षा अधिकारी गिरीश कंचन ने बताया कि मालगाड़ी का एक वैगन पटरी से उतरा था। मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए विभागीय जांच हो रही है। इसके बाद ही घटना के कारण का पता चल सकेगा।
वर्जन
रविवार को झांसी-दिल्ली रेलमार्ग के आंतरी स्टेशन के पास मालगाड़ी का एक वैगन पटरी से उतर गया था। इसकी सूचना मिलने पर पटरी पर लाने का कार्य शुरू किया गया। पटरी की मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद संरक्षा के लिहाज से ट्रेनों को न्यूनतम गति से निकाला गया। इस घटना में ट्रेनों के संचालन पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। - मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी, झांसी