झांसी। आजकल सोशल मीडिया पर एक मैसेज जमकर वायरल हो रहा है। मैसेज में यह बताया जा रहा है कि एक अप्रैल से गुडमॉर्निंग मैसेज भेजने पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। इससे मोबाइल यूजर्स की परेशानी काफी बढ़ गई हैं। लेकिन, मैसेज पूरी तरह से फर्जी पाया गया है।
सवेरे आंख खुलते ही लोग सबसे पहले अपने मोबाइल फोन की जांच करते हैं। लगभग हर किसी के मोबाइल पर गुडमॉर्निंग का मैसेज होता है। कुछ लोग गुडमॉर्निंग के जवाब में गुडमॉर्निंग का स्टीकर व मैसेज भेज देते हैं। लेकिन, आजकल सोशल मीडिया पर एक अखबार की कटिंग मैसेज के रूप में वायरल हो रही है। अखबार की कटिंग में लिखा है कि नए वित्तीय वर्ष में व्हाट्सएप व अन्य एप पर गुडमॉर्निंग के मैसेज भेजने पर 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगेगा। जीएसटी को महीने के अंत में अदा करना होगा।
जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि वायरल मैसेज फर्जी है। अखबार की कटिंग में जीएटी लगने की वजह लोगाें द्वारा सुबह- सुबह मैसेज करने से इंटरनेट धीमा होना बताया गया है। इसमें कहा गया कि टैक्स लगने के कारण लोग कम मैसेज भेजेंगे इससे इंटरनेट की स्पीड में फर्क पड़ेगा।
बीएसएनएल के महाप्रबंधक जीएल गौतम ने बताया कि वायरल मैसेज में गुडमॉर्निंग मैसेज भेजने के एवज में 18 फीसदी जीएसटी को लगना बताया गया है। जबकि, अभी तक सरकार द्वारा इस तरह का कोई भी आदेश नहीं आया है। वायरल मैसेज पूरी तरह से फर्जी है।