अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव से अगस्त में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में चार गुना इजाफा हुआ है। ऐसे में एंटीबायोटिक, पैरासिटामोल से लेकर कफ सिरप की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। रोजाना लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की इन दवाओं की खपत है। इसकी वजह झांसी में बुंदेलखंड के कई जिलों के मरीज भी इलाज कराने के लिए आते हैं।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पीके जैन का कहना है कि इन दिनों जो संक्रमण फैला हुआ है, वो बुखार के साथ-साथ मरीज के गुर्दे और किडनी पर भी असर कर रहा है। इसके अलावा दस्त लगना, पीलिया, सिर दर्द, बदन दर्द, भूख लगना, सांस फूलना, छाती में संक्रमण आदि भी मरीजों को हो रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई में दिनभर में वह एक सौ मरीज ओपीडी में देखते थे, तो करीब 10 वायरल बुखार से पीड़ित मिलते थे। इस महीने बुखार के सौ में 40 मरीज दिखाने आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि इन दिनों लोग स्वीमिंग पूल, सिनेमा हॉल समेत भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें। अगर बाजार आदि भीड़ वाली जगहों पर जाना पड़े तो मास्क पहन लें, क्योंकि यह संक्रमण फैलता है।
वहीं, जिला केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव नितिन मोदी ने बताया कि इन दिनों सबसे ज्यादा एंटीबायोटिक की बिक्री हो रही है। रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की एजिथ्रोमाइसिन और 25 लाख की सिफेक्सिम की प्रतिदिन खपत है। इसी तरह, लगभग 30 लाख की पैरासिटामोल, 20 लाख की कफ सिरप और 6.75 लाख रुपये की एंटी कोल्ड टेबलेट की रोजाना बिक्री हो रही है।
विक्रेताओं के पास 20 करोड़ की दवाओं का स्टॉक
दवाओं की बढ़ती मांग के मद्देनजर जनपद के सभी थोक और फुटकर विक्रेताओं ने वायरल बुखार से संबंधित दवाओं का काफी स्टॉक भी कर लिया है। सचिव के मुताबिक दवा विक्रेताओं के पास लगभग पांच-पांच करोड़ की सिफेक्जिम और कफ सीरप, साढ़े तीन करोड़ की पैरासिटामोल, ढाई करोड़ की एजिथ्रोमाइसिन, चार करोड़ की एंटी कोल्ड दवाओं का स्टॉक है।