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कैदियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी कोर्ट में पेशी

Sun, 29 Nov 2015 12:36 AM IST
ब्यूरो
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झांसी। आने वाले दिनों में पुलिस को जेल में निरुद्ध कैदियों को अदालत पेशी पर ले जाने की जहमत नहीं उठानी होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उनकी पेशी हो जाएगी। इसके लिए जेल में कांफ्रेंस हॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
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अब तक पुलिस जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को मुकदमे की कार्यवाही के दौरान अदालत पेशी पर ले जाती है। इसके लिए पुलिस के साथ - साथ जेल प्रशासन तक को मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें जेल से पेशी पर ले जाया गया बंदी वहां से फरार हो गए।

इस स्थिति से निपटने के लिए अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की पेशी कराने की तैयारी है। इसके लिए जेल परिसर में वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। 31 दिसंबर तक इसका निर्माण कार्य पूरा करने की तैयारी है। इस योजना के तहत कोर्ट में कांफ्रेंस हॉल का निर्माण किया जा रहा है। एक जनवरी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था शुरू करने की योजना है।
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मुलाकातियों की बनेगी कंप्यूटराइज्ड पर्ची
झांसी। वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था के साथ - साथ बंदियों से मिलने वाले लोगों को भी सहूलियत होने जा रही है। उन्हें जेल में निरुद्ध बंदी से मुलाकात के लिए  पर्ची नहीं बनवानी होगी, बल्कि उनका ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज कर थंब इंप्रेसन लिया जाएगा। तदुपरांत, उन्हें जेल में प्रवेश का मौका मिलेगा।

ओवरलोड  जेल
झांसी। जेल में ओवरलोड की स्थिति है। 416 बंदियों की क्षमता वाली जेल में वर्तमान में एक हजार से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। इससे जेल में उपलब्ध संसाधन भी कम पड़ने लगे हैं। मालूम हो कि जेल में 14 बैरक हैं। इनमें से एक बैरक महिलाओं के लिए है।

कैदियों में पढ़ाई की ललक
झांसी। जिला कारागार में इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा स्टडी सेंटर संचालित किया जा रहा है, जिसके विभिन्न कोर्सों में 97 कैदी अध्ययनरत हैं। यहां इग्नू द्वारा कैदियों को नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। व्यवस्था के तहत यदि कोई कैदी फाइनल परीक्षा से पूर्व जेल से छूट जाता है, तो वह बाहर इग्नू की निर्धारित फीस जमा कर अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है।

‘वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष का निर्माण पूर्ण होने पर कैदियों को पेशी पर कोर्ट नहीं ले जाना होगा। बल्कि, यह काम जेल से ही हो जाएगा। कक्ष का निर्माण दिसंबर माह में पूरा करने की तैयारी है।’
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- कैलाश चंद्र, जेलर
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